मार्च-सितंबर के आखिरी दिनों में नियुक्ति, अगले महीने ज्वाइनिंग भी नियमितीकरण में मानी जाएगी
शिमला, 30 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने मार्च और सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए नया प्रावधान किया है। अब नियुक्ति पत्र महीने के आखिरी दिनों में जारी होने के बाद कर्मचारी अगले महीने की पहली तारीख यानी एक अप्रैल या एक अक्टूबर को ड्यूटी ज्वाइन करता है या नियुक्ति पत्र में निर्धारित स्वीकार्य ज्वाइनिंग अवधि के भीतर ज्वाइन करता है, तो नियुक्ति और ज्वाइनिंग के बीच की अवधि नियमितीकरण के लिए माफ मानी जाएगी। इसके लिए नियुक्ति के तुरंत बाद छुट्टी पड़ना जरूरी नहीं होगा।
नियुक्ति और ज्वाइनिंग के बीच की अवधि होगी माफ
कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि मार्च या सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति का प्रस्ताव जारी होने पर कर्मचारी अगले महीने की पहली तारीख को ड्यूटी ज्वाइन करता है या नियुक्ति पत्र में निर्धारित स्वीकार्य ज्वाइनिंग अवधि के भीतर ज्वाइन करता है, तो नियुक्ति प्रस्ताव जारी होने की तारीख से ज्वाइनिंग की तारीख तक की अवधि को माफ माना जाएगा। यह व्यवस्था मार्च के बाद अप्रैल और सितंबर के बाद अक्टूबर में ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों पर लागू होगी।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप नया प्रावधान
ये निर्देश हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2025 के सपना कुमारी एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार एवं अन्य मामले में तय सिद्धांत के अनुरूप जारी किए गए हैं। इससे पहले 26 मार्च 2022 को गुलशन भाटिया एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार एवं अन्य मामले में दिए आदेश के अनुपालन में 6 अप्रैल 2022 को निर्देश जारी किए गए थे। इनमें मार्च या सितंबर के अंतिम कार्य दिवस पर नियुक्ति प्रस्ताव जारी होने के बाद तुरंत छुट्टी पड़ने से उसी महीने ज्वाइन न कर पाने की स्थिति में छुट्टी की अवधि को माफ करने का प्रावधान था। नए निर्देशों में उन मामलों को भी शामिल किया गया है, जिनमें छुट्टी न पड़ने के बावजूद अगले महीने ज्वाइनिंग होती है।
नियुक्ति नहीं, ज्वाइनिंग से मिलेगा वित्तीय लाभ
नियमितीकरण के लिए नियुक्ति प्रस्ताव जारी होने की तारीख या मार्च अथवा सितंबर की अंतिम तारीख में से जो बाद की होगी, उसे कटऑफ तारीख माना जाएगा। नियुक्ति प्रस्ताव और ज्वाइनिंग के बीच की अवधि तथा स्वीकार्य ज्वाइनिंग समय को आपस में माफ माना जाएगा। यह व्यवस्था सरकार के नियमितीकरण संबंधी अन्य निर्देशों और उनमें तय कटऑफ तारीख के अधीन रहेगी। हालांकि इस अवधि के लिए वित्तीय लाभ नियुक्ति पत्र जारी होने की तारीख से नहीं मिलेगा। वित्तीय लाभ वास्तविक ज्वाइनिंग की तारीख या विभाग के नियमितीकरण आदेश में निर्धारित किसी बाद की या भावी तारीख से मिलेगा। पहले से निपटाए जा चुके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा। कार्मिक विभाग के 6 अप्रैल 2022 के निर्देश नए निर्देशों के बाद समाप्त माने जाएंगे। विभाग ने सभी संबंधित प्रशासनिक सचिवों को इन निर्देशों के अनुपालन और कार्यान्वयन के लिए कहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा