हिमाचल में शिक्षक पुरस्कार की नीति बदली, अब सेवा विस्तार की जगह मिलेगी नकद प्रोत्साहन राशि
शिमला, 05 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय और राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों के लिए लागू व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं मिलेगा। इसके स्थान पर सरकार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को दो लाख रुपये और राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को एक लाख रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सरकारी अधिसूचना के आधार पर सभी जिला उपनिदेशकों को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
नई नीति के तहत पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सम्मान के रूप में नकद राशि दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि इससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सीधे आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। पहले राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वालों को दो वर्ष और राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वालों को एक वर्ष का सेवा विस्तार देने का प्रावधान था। अब इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। यानी भविष्य में किसी भी शिक्षक को केवल पुरस्कार मिलने के आधार पर सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा।
सरकार ने वर्ष 2025 तक राष्ट्रीय या राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर चुके शिक्षकों के लिए भी अलग प्रावधान रखा है। ऐसे शिक्षक, जिन्हें अभी तक सेवा विस्तार नहीं मिला है और जो उसका लाभ नहीं लेना चाहते, वे नई नीति के तहत निर्धारित नकद प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि उन्हें सेवा विस्तार और नकद प्रोत्साहन राशि में से किसी एक विकल्प का चयन करना होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों को 6 फरवरी 2025 की अधिसूचना के तहत पहले ही सेवा विस्तार की मंजूरी मिल चुकी है, उनकी सेवा पहले से तय अवधि तक जारी रहेगी। नई नीति का उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों को अधिसूचना के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने और नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा