हिमाचल गौरव पुरस्कार के लिए 31 दिसंबर तक नामांकन, 15 अप्रैल को होंगे सम्मानित
शिमला, 27 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2027 के राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य सरकार राज्य नागरिक सेवा पुरस्कार, प्रेरणा स्रोत सम्मान और हिमाचल गौरव पुरस्कार के लिए योग्य व्यक्तियों और संस्थाओं के नामों पर विचार करेगी। इन पुरस्कारों के लिए नामांकन भेजने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। सम्मानित होने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को 15 अप्रैल 2027 को हिमाचल दिवस के अवसर पर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी सरकारी विभागों और जिला प्रशासन को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम भेजने के निर्देश दिए हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएं देने और विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले व्यक्तियों तथा संस्थाओं को सम्मानित किया जाता है।
शिक्षा विभाग के स्तर पर भी नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा निदेशालय ने संबंधित उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान कर उनकी उपलब्धियों की जांच करें। इसके बाद योग्य नामों की सिफारिश 30 नवंबर 2026 तक भेजनी होगी। इस तरह शिक्षा विभाग के स्तर पर नामों की छंटनी और सिफारिश की प्रक्रिया सरकार की अंतिम समयसीमा से एक महीने पहले पूरी की जानी है।
पुरस्कारों के लिए नाम भेजते समय निर्धारित प्रारूप और दस्तावेजों का ध्यान रखना होगा। प्रत्येक नामांकन के साथ हिंदी में अधिकतम दो पृष्ठों का संक्षिप्त विवरण देना अनिवार्य है। इसमें संबंधित व्यक्ति या संस्था की विशिष्ट उपलब्धियों, उल्लेखनीय सेवाओं और समाज अथवा संबंधित क्षेत्र में दिए गए योगदान की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज करनी होगी। इसी विवरण के आधार पर नामांकित व्यक्ति या संस्था की उपलब्धियों और पुरस्कार के लिए पात्रता का आकलन किया जा सकेगा।
नामांकन के साथ निर्धारित प्रपत्र में मांगे गए जरूरी दस्तावेज ही संलग्न करने होंगे। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को नाम भेजने से पहले उपलब्धियों और दस्तावेजों की जांच करने को कहा गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार सभी नामांकन और सिफारिशें 31 दिसंबर 2026 तक सरकार के पास पहुंच जानी चाहिए। निर्धारित समयसीमा के बाद प्राप्त होने वाले नामों पर विचार करना संभव नहीं होगा। ऐसे में विभागों, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को समय रहते नामांकन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा