नियमितीकरण, वेतनमान और ग्रेच्युटी की मांगें लंबित, वन निगम कर्मचारी महासंघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
शिमला, 29 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के कर्मचारियों के नियमितीकरण, संशोधित वेतनमान और ग्रेच्युटी से जुड़ी मांगें पूरी नहीं होने पर राज्य वन निगम कर्मचारी महासंघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। महासंघ का कहना है कि सरकार के वित्त विभाग और निगम के निदेशक मंडल की बैठकों में लिए गए निर्णय लागू नहीं किए गए हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आगामी कदम उठाए जाएंगे।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बाबू राम चौधरी के अनुसार संगठन ने पहले वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक को 20 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था। इसके बाद शिमला में प्रबंध निदेशक और महासंघ के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। चौधरी ने बताया कि बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी थी और कुछ प्रमुख मुद्दों पर तत्काल आदेश जारी करने की बात कही गई थी। महासंघ का आरोप है कि इन निर्णयों को अब तक लागू नहीं किया गया है।
महासंघ के अनुसार निगम में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी और अनुबंध कर्मचारियों को अक्टूबर के शेष समय में नियमित करने पर सहमति बनी थी। संगठन का कहना है कि इस संबंध में अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा, प्रदेश सरकार की ओर से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए लागू संशोधित वेतनमान का लाभ भी वन विकास निगम के कर्मचारियों को नहीं मिल पाया है।
सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी भी महासंघ की प्रमुख मांगों में शामिल है। संगठन ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों को पहले मिलने वाली ग्रेच्युटी की राशि कम करने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। महासंघ की मांग है कि कर्मचारियों को पहले की तरह ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष बाबू राम चौधरी ने कहा कि लंबित मांगों और पहले बनी सहमति के अनुसार निर्णय लागू नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। महासंघ ने प्रदेश के सभी पदाधिकारियों और वन कार्य मंडलीय यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में लंबित मांगों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। महासंघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा