हिमाचल दिवस पर नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई और महिला की जान बचाने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित
शिमला, 15 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला पुलिस के उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उप-मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों को कर्तव्य के दौरान साहस, सतर्कता, त्वरित निर्णय क्षमता और पेशेवर दक्षता दिखाते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने के लिए सम्मान दिया गया।
सम्मानित अधिकारियों में निरीक्षक आशीष कौशल का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। वर्ष 2019 में पुलिस विभाग में नियुक्त आशीष कौशल ने अपने सेवाकाल के दौरान लगातार प्रभावी कार्रवाई की है। वर्ष 2026 में उनकी अगुवाई में 627.25 ग्राम हेरोइन, 2.556 किलोग्राम भांग और 127.90 ग्राम अफीम बरामद की गई तथा 28 मामले दर्ज किए गए। 10 मार्च को न्यू शिमला के बीसीएस क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए उन्होंने अंतर-जिला मादक पदार्थ नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 11.570 ग्राम एलएसडी (562 स्टैम्प) भी बरामद की, जिसे सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ बड़ी सफलता माना गया।
मुख्य आरक्षी जगदीश सिंह को भी उनकी सतर्कता के लिए सम्मानित किया गया। 24 मार्च को आईएसबीटी शिमला में ड्यूटी के दौरान उन्होंने विश्वसनीय सूचना के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर उसके कब्जे से 288 ग्राम हेरोइन बरामद की। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान पर की गई इस कार्रवाई को नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में अहम माना गया।
इसी तरह 10 अप्रैल को नारकंडा क्षेत्र में गश्त के दौरान मुख्य आरक्षी पियूष राज ने चार आरोपियों के कब्जे से करीब 11.5 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये की अवैध नकदी बरामद की। इस कार्रवाई से संगठित और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा और बड़ी खेप को बाजार तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
आरक्षी चालक सतपाल को एक महिला की जान बचाने के लिए सम्मानित किया गया। 31 मार्च को उन्होंने सतलुज नदी में कूदकर जोखिम भरी परिस्थितियों में एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्होंने सीपीआर देकर प्राथमिक उपचार प्रदान किया और महिला को अस्पताल पहुंचाया। उनकी इस कार्रवाई को पुलिस सेवा की संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण बताया गया।
शिमला ट्रैफिक विंग में तैनात आरक्षी शुभम को भी उनके जन-मैत्री व्यवहार और जिम्मेदार कार्यशैली के लिए सम्मानित किया गया। विक्ट्री टनल जैसे व्यस्त यातायात स्थल पर वे सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ स्कूली बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की मदद करते हैं। उनके सहयोगात्मक व्यवहार की आम लोगों और पर्यटकों द्वारा सराहना की जाती है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह का कहना है कि इन सभी पुलिसकर्मियों की कार्रवाइयों से न केवल कानून व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि “नशामुक्त हिमाचल” के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण मदद मिली है। इनकी उपलब्धियां पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय मानी जा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा