हिमाचल राज्य सहकारी बैंक का कारोबार 29,315 करोड़ के पार, नेट एनपीए 0.86 फीसदी
शिमला, 27 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक का कुल कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 में 29,315 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। बैंक की कुल जमा 17,448 करोड़ रुपये और ऋण एवं अग्रिम 11,868 करोड़ रुपये रहे। बैंक ने अपनी परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया है। वित्त वर्ष के अंत में ग्रॉस एनपीए 2.86 फीसदी और नेट एनपीए 0.86 फीसदी रहा। यह जानकारी बैंक के 61वें वार्षिक साधारण अधिवेशन में अध्यक्ष देवेंद्र श्याम और प्रबंध निदेशक विनय सिंह ने दी।
शिमला में आयोजित अधिवेशन में प्रदेश की सहकारी सभाओं के 107 प्रतिनिधियों के साथ बैंक के निदेशक मंडल के सदस्यों ने हिस्सा लिया। अधिवेशन का शुभारंभ बैंक अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने निदेशक मंडल के सदस्यों और प्रबंध निदेशक विनय सिंह की मौजूदगी में किया।
अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बैंक की वित्तीय स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंक ने अपने सीबीएस सॉफ्टवेयर को सफलतापूर्वक ‘फिनेकल 10.2.25’ पर माइग्रेट किया है। बैंक के मोबाइल बैंकिंग ऐप ‘हिमपैसा’ का नया और उन्नत संस्करण भी पेश किया गया है। इससे ग्राहकों को सुगम और सुरक्षित ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई।
बैंक की प्रमुख योजनाओं में ‘सपनों का संचय’ और ‘सशक्त महिला ऋण योजना’ शामिल हैं। अध्यक्ष ने प्रतिनिधियों से इन योजनाओं को दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने सहकारिता सप्ताह के दौरान आयोजित सेल्फी प्वाइंट और पौधारोपण अभियान जैसी गतिविधियों की जानकारी भी साझा की।
पुराने ऋणों की वसूली के लिए बैंक ने एकमुश्त समझौता योजना यानी ओटीएस भी लागू की। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 213 ग्राहकों से 17.78 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई। यह योजना उन ग्राहकों के लिए लाई गई थी, जिनके कालातीत ऋणों की अदायगी नहीं हो पा रही थी।
प्रबंध निदेशक विनय सिंह ने बैंक के वित्त वर्ष 2025-26 के तथ्य और आंकड़े विस्तार से प्रस्तुत किए। उन्होंने प्रतिनिधियों से बैंक की प्रगति के लिए सुझाव मांगे। उन्होंने बताया कि दूरदराज के जिन क्षेत्रों में अभी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां बैंक अपने आउटलेट खोलने के लिए लगातार काम कर रहा है। प्राथमिक सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का काम भी किया जा रहा है। इससे उनके कामकाज में पारदर्शिता और तेजी आने की बात कही गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा