हिमाचल में 122 करोड़ रुपये से 80 स्थानों पर बन रहे चार्जिंग स्टेशन, 34 जगहों पर काम पूरा
शिमला, 23 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते संचालन के साथ चार्जिंग व्यवस्था को मजबूत करने पर भी काम तेज किया जा रहा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) प्रदेश में 122 करोड़ रुपये की लागत से 80 स्थानों पर इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर रहा है। इनमें से 34 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। 21 अन्य स्थानों पर अगले एक महीने के भीतर यह सुविधा शुरू करने का लक्ष्य है, जबकि शेष 25 स्थानों पर काम चल रहा है।
यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को एचआरटीसी के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि चार्जिंग स्टेशन एचआरटीसी के बस अड्डों और वर्कशॉप में स्थापित किए जा रहे हैं। इससे अलग-अलग रूटों पर चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने की सुविधा मिलेगी और इनके संचालन को और बढ़ाया जा सकेगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 80 स्थानों पर कुल 99 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर 180 किलोवाट क्षमता वाले फास्ट सीसीएस-2 चार्जर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चार्जिंग व्यवस्था को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा गया है। एचआरटीसी के अलग-अलग बस अड्डों और वर्कशॉप में जरूरत के अनुसार यह सुविधा विकसित की जा रही है। भविष्य में जिन स्थानों पर इसकी आवश्यकता होगी, वहां भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों और उनके लिए जरूरी चार्जिंग ढांचे का विस्तार आधुनिक, कम खर्च वाली और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एचआरटीसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़ी सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित कर रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि एचआरटीसी के बेड़े में इस समय 297 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। ये बसें प्रदेश के छोटे और लंबे, दोनों तरह के रूटों पर संचालित की जा रही हैं। इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से निगम को डीजल के खर्च में प्रति किलोमीटर करीब 15 से 16 रुपये की बचत हो रही है। इससे एचआरटीसी के परिचालन खर्च को कम करने में मदद मिल रही है।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार सामान्य तौर पर एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद इलेक्ट्रिक बस करीब 180 किलोमीटर तक चल सकती है। हालांकि, कुछ लंबे रूटों पर इन बसों का प्रदर्शन इससे अधिक दूरी के लिए भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हरोली से चंडीगढ़ के करीब 270 किलोमीटर लंबे रूट पर इलेक्ट्रिक बस एक बार चार्ज करने के बाद सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
इसी तरह शिमला-चंडीगढ़-शिमला के करीब 250 किलोमीटर लंबे रूट पर भी इलेक्ट्रिक बस एक बार चार्ज करने के बाद यात्रा पूरी कर रही है। इस रूट पर यात्रा पूरी होने के बाद बस में करीब 25 प्रतिशत बैटरी शेष रहती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा