हिमाचल में कैबिनेट विस्तार पर नजरें, एक मंत्री की जल्द होगी नियुक्ति

 


शिमला, 20 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज है। कैबिनेट में लंबे समय से खाली चल रहे एक मंत्री पद को जल्द भरे जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में कभी भी नए मंत्री की नियुक्ति का ऐलान हो सकता है। हालांकि, विस्तार की तारीख और नए मंत्री के नाम को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री इस विषय पर दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ भी चर्चा कर चुके हैं। अगले साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस प्रक्रिया में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक और जातीय समीकरणों के साथ पार्टी की राजनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखे जाने की संभावना है। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की अटकलें भी हैं।

कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर का नाम दौड़ में

प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। एक पद खाली होने के कारण नए मंत्री की नियुक्ति का रास्ता खुला है। कुल्लू सदर से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर का नाम इस पद के प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, इनमें से किसी के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्रिमंडल में जगह मिलने पर कुल्लू जिले को सरकार में प्रतिनिधित्व मिल सकता है। मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले कुल्लू और आसपास के इलाकों में कैबिनेट प्रतिनिधित्व का मुद्दा राजनीतिक रूप से अहम रहा है। ऐसे में नए मंत्री के चयन में क्षेत्रीय संतुलन को महत्व दिए जाने की संभावना है।

विभागों में बदलाव के भी संकेत

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी हो सकता है। कुछ मंत्रियों के पास कई महत्वपूर्ण विभाग हैं। ऐसे में विभागों का पुनर्वितरण कर जिम्मेदारियों का संतुलन बनाने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, विभागों में फेरबदल को लेकर सरकार ने अभी कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है।

अगले साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार के सामने विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने, प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने और जनता के बीच अपनी उपस्थिति मजबूत करने की चुनौती है। मंत्रिमंडल विस्तार को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।

दिल्ली दौरे से बढ़ी चर्चाएं

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और सुंदर सिंह ठाकुर के हालिया दिल्ली दौरे के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। तीनों नेताओं के एक ही समय दिल्ली पहुंचने को कांग्रेस हाईकमान के साथ संभावित नियुक्तियों पर चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इन बैठकों में क्या सहमति बनी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी इस प्रक्रिया में अहम होगी। पार्टी के भीतर क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाने की संभावना है।

विधानसभा उपाध्यक्ष और मुख्य सचेतक की नियुक्ति भी लंबित

मंत्रिमंडल विस्तार के अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष का पद भी लंबे समय से खाली है। पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद यह पद छोड़ दिया था। अब इस पद पर नियुक्ति होनी है।

विधानसभा में मुख्य सचेतक यानी चीफ व्हिप की नियुक्ति भी लंबित है। फिलहाल शाहपुर से कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया उप मुख्य सचेतक यानी डिप्टी व्हिप के पद पर तैनात हैं।

विधानसभा उपाध्यक्ष और मुख्य सचेतक के पदों के लिए ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न और धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर सहित कुछ अन्य कांग्रेस विधायकों के नाम चर्चा में हैं। सुंदर सिंह ठाकुर और आशीष बुटेल के नाम भी अलग-अलग जिम्मेदारियों के संदर्भ में लिए जा रहे हैं। हालांकि, इन पदों पर किसे नियुक्त किया जाएगा, यह सरकार और कांग्रेस नेतृत्व के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

अगले साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक नियुक्तियों को कांग्रेस की चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा