शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में नहीं होगी कोई कटौती : मुख्यमंत्री सुक्खू

 


शिमला, 17 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बजट में कोई कटौती नहीं करेगी। उन्होंने साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि दूरदराज क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं।

शिमला में मंगलवार को आयोजित एक दिवसीय प्रधानाचार्य सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास विकसित करना बेहद जरूरी है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में शिक्षक और शिक्षा व्यवस्था की भूमिका सबसे अहम है। सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है और कई नई पहलें शुरू की गई हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में विशेष विषयों के महाविद्यालय खोलने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में हमीरपुर में 50 बीघा भूमि पर एक विज्ञान महाविद्यालय स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा, वाणिज्य और अन्य विषयों के विशेष कॉलेज भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिए खाली पदों को भरना भी प्राथमिकता में है। उन्होंने जानकारी दी कि सहायक प्राध्यापकों के 400 और जूनियर सहायक प्राध्यापकों के 400 पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही कॉलेजों में न्यू एज पाठ्यक्रम और अतिरिक्त भाषा कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ सके।

उन्होंने बताया कि कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए रैंकिंग प्रणाली भी लागू की गई है, जैसा कि स्कूलों में किया गया है। इसी क्रम में सम्मेलन के दौरान राजकीय महाविद्यालयों की आंतरिक रैंकिंग भी जारी की गई। समग्र रैंकिंग में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर पहले स्थान पर रहा, जबकि संजौली कॉलेज दूसरे और राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला तीसरे स्थान पर रहा। अलग-अलग टियर में भी विभिन्न कॉलेजों को शीर्ष स्थान मिला और सभी विजेता कॉलेजों को एक-एक लाख रुपये की राशि देकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग का पुनर्गठन करते हुए स्कूल शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय अलग-अलग स्थापित किए गए हैं, ताकि कामकाज में बेहतर समन्वय और दक्षता लाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के शिक्षक सक्षम हैं और ये सुधार उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक एमआरआई मशीनें स्थापित की गई हैं और चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जा रही है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

मुख्यमंत्री ने वित्तीय स्थिति पर भी बात की और कहा कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया है और 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी नहीं दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा