छह महीने में लेंगे कड़े फैसले, हिमाचल को बनाएंगे आत्मनिर्भर: मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला, 21 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार अगले छह महीने के दौरान कई कड़े फैसले लेगी ताकि हिमाचल प्रदेश को फिर से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि ये फैसले राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिए जा रहे हैं।
विधानसभा में वर्ष 2026–27 का बजट पेश करने के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का सामना “युद्ध स्तर” पर कर रही है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि वेतन का कुछ हिस्सा छह महीने के लिए स्थगित करने जैसे फैसले भी प्रदेश हित में लिए गए अस्थायी कदम हैं और आर्थिक स्थिति सुधरने पर इन्हें वापस किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने से हिमाचल प्रदेश को हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि इस अनुदान को बहाल कराने के लिए राज्य सरकार ने लगातार प्रयास किए और इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी से भी सहयोग मांगा, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली।
मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर प्रदेश के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आपदा के समय भी विपक्ष प्रदेश के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा नहीं हुआ और आरडीजी के मुद्दे पर भी सरकार का साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस कारण राज्य को आर्थिक रूप से अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार प्रदेश के इतिहास में सरकार ने आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने जैसा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया ताकि जरूरी विकास कार्य और आम लोगों को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित न हों।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और जल शक्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों के बजट में कोई कटौती नहीं की गई है। सरकार का फोकस इन क्षेत्रों को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है और अगले एक साल में प्रदेश की आर्थिक स्थिति में और सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सभी जनप्रतिनिधि, कर्मचारी और समाज के अन्य वर्ग प्रदेशहित में सहयोग करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा