प्रस्तावित रेल लाइन व फोरलेन में चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर जन अभियान चलाएगी किसान सभा

 


मंडी, 23 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल किसान सभा जनता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने और प्रस्तावित रेल लाइन व फोरलेन में जमीन के चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर जन अभियान चलाएगी। किसान सभा की सुंदरनगर इकाई का सम्मेलन युवक मंडल भवन, सलाह में आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल सोहन सिंह चौहान, गुरिया राम एवं जगमेल ठाकुर ने की। इस सम्मेलन में उपमंडल सुंदर नगर की विभिन्न पंचायतों से करीब 60 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए किसान सभा के जिला अध्यक्ष कुशाल भरद्वाज ने अखिल भारतीय किसान सभा के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना 11 अप्रैल 1936 को लखनऊ में हुई थी, जिसके स्थापना सम्मेलन की अध्यक्षता स्वामी सहजानंद सरस्वती ने की थी। किसान सभा ने जमींदारी शोषण, भारी लगान, कर्ज, बेदखली, जबरन मजदूरी और साहूकारी शोषण के खिलाफ किसानों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी किसान संगठनों ने अंग्रेजी शासन और जमींदारी व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने मंडी सहित विभिन्न क्षेत्रों के किसान आंदोलनों तथा हाल के वर्षों में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 2020–21 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी जैसे मुद्दों पर किसान संगठनों की भूमिका का उल्लेख किया। किसान सभा के सचिव रामजी दास ने पिछले तीन वर्षों की संगठनात्मक एवं गतिविधि रिपोर्ट प्रस्तुत की।

उन्होंने कहा कि हिमाचल किसान सभा ने किसानों, बागवानों, दुग्ध उत्पादकों, भूमिहीनों, विस्थापन से प्रभावित परिवारों तथा आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जनसंगठनों, किसान समितियों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर लगातार संघर्ष एवं जनजागरूकता अभियान चलाए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा