हिमाचल में खिलाड़ियों पर मेहरबान सुक्खू सरकार, 419 खिलाड़ियों को 17.85 करोड़ रुपये के पुरस्कार
शिमला, 31 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले 419 खिलाड़ियों को 17.85 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में खिलाड़ियों को हिम रतन-2026 पुरस्कार से सम्मानित किया। इनमें 51 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और 368 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को 13.55 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 4.30 करोड़ रुपये के चेक दिए गए। पुरस्कार राशि में सबसे अधिक रकम एशियन खेल-2026 में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मिली। पुरुष मैराथन में रजत पदक जीतने वाले सावन बरवाल को 2.50 करोड़ रुपये और 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल करने वाली सीमा कुमारी को 1.50 करोड़ रुपये प्रदान किए गए।
एशियन खेलों में महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। इस टीम में हिमाचल प्रदेश की रितु नेगी, पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर भी शामिल थीं। इन चारों खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये के चेक दिए गए। प्रदेश की क्रिकेट खिलाड़ी रेणुका ठाकुर को भी एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता वर्षों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के त्याग का परिणाम है। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि तीन करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये की गई है। रजत पदक विजेताओं को अब दो करोड़ रुपये के स्थान पर तीन करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को एक करोड़ रुपये के स्थान पर दो करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
एशियाई खेलों और पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर चार करोड़ रुपये की गई है। रजत पदक विजेताओं को 30 लाख रुपये के स्थान पर अढ़ाई करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये के स्थान पर डेढ़ करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को कम से कम 25 प्रतिशत इनामी राशि देने का प्रावधान किया गया है। इस व्यवस्था को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के कोच और अंतरराष्ट्रीय रेफरी को तीन-तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों और टीमों की सफलता में प्रशिक्षकों तथा रेफरी का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर देने के लिए खेल विभाग में सरकारी पदों का सृजन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ उनके भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।
चिट्टे के खिलाफ खेलों से जागरूकता
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को नशे, विशेषकर चिट्टे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदेश सरकार 20 नवंबर से धर्मशाला में खेलो हिमाचल अभियान शुरू करेगी। इस अभियान में क्रिकेट, वॉलीबाल और कबड्डी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें 15 से 30 वर्ष की आयु के युवक और युवतियां भाग ले सकेंगे।
प्रतियोगिताएं उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर होंगी। राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 21 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 15 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। जिला स्तर पर पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमशः दो लाख, डेढ़ लाख और एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलो हिमाचल अभियान की आधिकारिक वेबसाइट और मस्कट का अनावरण भी किया।
170 करोड़ रुपये से बनेगा आधुनिक इंडोर स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही है। हमीरपुर जिले के नादौन में करीब 170 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक इंडोर स्टेडियम विकसित किया जा रहा है। इसमें तैराकी, बैडमिंटन, वॉलीबाल, टेनिस, टेबल टेनिस और बॉक्सिंग सहित करीब 14 खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा