हिमाचल के लिए अलग स्काउट्स बटालियन बनाने की मांग, मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र से किया आग्रह

 


शिमला, 25 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से लद्दाख स्काउट्स, सिक्किम स्काउट्स और अरुणाचल प्रदेश स्काउट्स की तर्ज पर राज्य के लिए अलग हिमाचल स्काउट्स बटालियन गठित करने का आग्रह किया है। प्रस्तावित बटालियन में राज्य के युवाओं, विशेषकर किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे सीमावर्ती जिलों के युवाओं की भर्ती पर विशेष ध्यान देने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवा ऊंचाई वाले दुर्गम पहाड़ी इलाकों और कठिन मौसमी परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे युवाओं को शामिल करने वाली विशेष बटालियन से क्षेत्र में सैन्य अभियानों की क्षमता बढ़ेगी। इससे चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूती मिल सकती है।

सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। राज्य के एक लाख से अधिक युवा सशस्त्र बलों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा करीब एक लाख पूर्व सैनिक देश की रक्षा और सुरक्षा में अपना योगदान दे चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि परमवीर चक्र पाने वाले देश के पहले सैनिक मेजर सोमनाथ शर्मा हिमाचल प्रदेश से थे। उन्होंने कहा कि राज्य के सैनिकों ने साहस, समर्पण और बलिदान की मिसाल पेश की है। देश की रक्षा के लिए हिमाचल के जवान सर्वोच्च बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटे हैं।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के चार सैनिकों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया है। यह राज्य की सैन्य विरासत, देशभक्ति और बलिदान की परंपरा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने हिमाचल के लिए अलग स्काउट्स बटालियन गठित करने की मांग के समर्थन में राज्य के युवाओं की सैन्य सेवाओं और सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा