दुग्ध उत्पादन एवं वितरण व्यवस्था को सुधारें, खरीद संबंधी शर्तों को तुरंत वापस लिया जाए : किसान सभा

 


मंडी, 13 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल किसान सभा का एक प्रतिनिधिमंडल, मंडी क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर जिला उपाध्यक्ष परस राम की अध्यक्षता में चक्कर, मंडी स्थित चिलिंग प्लांट के प्रबंधक विश्वनाथ शर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने दुग्ध उत्पादन एवं वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने हेतु एक मांग पत्र भी सौंपा। मांग पत्र में कहा गया कि प्रबंधन द्वारा लगाए गए खरीद संबंधी शर्तों को तुरंत वापस लिया जाए, विशेषकर वह शर्त जिसमें महीने में दो बार दूध न लेने का निर्णय शामिल है।

किसानों ने आरोप लगाया कि जो किसान दुग्ध उत्पादन में लगे हुए हैं, उनका दूध नहीं लिया जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस विरोधाभास के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने यह भी बताया कि बीते दिन जब उनका दूध नहीं लिया गया, तो मजबूर होकर उन्होंने रोष स्वरूप दूध को सड़कों पर उंडे़ल दिया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की चक्कर मिल्क प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाए ताकि मंडी जिले के सभी किसानों का दूध खरीदा जा सके। इसके अतिरिक्त, दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान न होने की समस्या भी उठाई गई।

किसानों ने मांग की कि दूध की कीमत और परिवहन गाड़ियों का भुगतान प्रत्येक माह की 10 तारीख तक सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अपने परिवार के पालन-पोषण में कठिनाई न हो । अन्य मांगों में दूध की जांच हेतु आधुनिक मशीनों की व्यवस्था, सभी सोसायटियों को गुणवत्तापूर्ण पशु आहार (फीड) उपलब्ध कराना, रिक्त पदों को शीघ्र भरना तथा पशु औषधालयों में खाली पदों को भरने की मांग शामिल रही। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी चेतावनी दी कि दुग्ध उत्पादन इकाई का प्रबंधन किसानों को डराना-धमकाना बंद करे, अन्यथा किसान सभा को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा