हिमाचल में 366 पुरानी डीजल बसें होंगी बेड़े से बाहर, ई-बसों के चार्जिंग नेटवर्क पर 170 करोड़ खर्च करेगी सरकार
शिमला, 11 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) अपने पुराने बस बेड़े को बदलने की तैयारी कर रहा है। निगम की 15 साल पुरानी और नौ लाख किलोमीटर का सफर पूरा कर चुकी 366 डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से बेड़े से बाहर किया जाएगा। इन बसों की नीलामी के बाद नई बसों की खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही 250 नई डीजल बसें खरीदने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने की तैयारी है।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बढ़ाने के लिए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए सरकार 60 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी। इससे पहले इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर 110 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस तरह चार्जिंग सुविधाओं के विकास पर कुल 170 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। सरकार का जोर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में चार्जिंग सुविधाएं बढ़ाने पर है, जिससे इलेक्ट्रिक बसों का संचालन आसान हो सके।
हालांकि, एचआरटीसी के सामने बस बेड़े को आधुनिक बनाने के साथ अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने की चुनौती भी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निगम का घाटा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार से एचआरटीसी की वार्षिक ग्रांट 58 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 71 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया गया है।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली पर प्रति यूनिट लगने वाले पर्यावरण उपकर को हटाने की मांग भी उठाई गई है। इस मांग का उद्देश्य ई-बसों के संचालन की लागत कम करना है। चार्जिंग खर्च कम होने से निगम को इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
कुल्लू दशहरा के लिए चलेंगी अतिरिक्त बसें
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एचआरटीसी दिल्ली, चंडीगढ़, हरिद्वार और बद्दी से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त बसें चलाएगा। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के आने-जाने की संभावना को देखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है। इससे यात्रियों को आवागमन के लिए अतिरिक्त बसें उपलब्ध हो सकेंगी।
ग्रीन हाइड्रोजन से स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की तैयारी
प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ ग्रीन हाइड्रोजन जैसी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों पर भी ध्यान दे रही है। परिवहन क्षेत्र में प्रदूषण कम करना और निगम को आर्थिक व तकनीकी रूप से मजबूत बनाना इस दिशा में प्रमुख उद्देश्य हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा