मेले हमारी संस्कृति और भाईचारे को करते हैं मजबूत : हर्षवर्धन चौहान
नाहन, 18 अप्रैल (हि.स.)। सिरमौर जिला के शिलाई विधानसभा क्षेत्र की कोटी-बौंच पंचायत में आयोजित बैसाखी मेले के समापन समारोह में प्रदेश के उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम-रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोटी-बौंच बैसाखी मेला क्षेत्र के आराध्य देव शिरगुल महाराज के नाम पर आयोजित किया जाता है और धार्मिक, सामाजिक तथा व्यापारिक दृष्टि से इस मेले की क्षेत्र में विशेष पहचान है।
समारोह को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि ऐसे मेलों और त्योहारों से समाज में सौहार्द और आपसी भाईचारे की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत समाज की नींव उसकी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं पर टिकी होती है। मेलों और त्योहारों के माध्यम से जहां लोगों को अपने रीति-रिवाजों और परंपराओं को सहेजने का अवसर मिलता है, वहीं नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति को समझने और उससे जुड़ने का मौका मिलता है।
उन्होंने बताया कि इस मेले के दौरान विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से आए खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को आगे बढ़ने और अपनी क्षमता दिखाने का मंच मिलता है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में प्रदेश एक मॉडल राज्य के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। इसके अलावा दूध को संग्रह केंद्रों तक पहुंचाने के लिए परिवहन सहायता भी तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जिससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
इससे पहले उद्योग मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह रोहनाट में क्षेत्र के लोगों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान लोगों ने सामूहिक और व्यक्तिगत समस्याएं उनके सामने रखीं। विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित मांगें मंत्री के समक्ष प्रस्तुत कीं। मंत्री ने अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया और जो मामले स्थानीय स्तर पर लंबित थे, उन्हें संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध तरीके से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर