बारिश और ओलावृष्टि से फलदार पौधों को भारी नुकसान

 


नाहन, 08 अप्रैल (हि.स.)। सिरमौर जिले में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश राहत और आफत दोनों लेकर आई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओला दृष्टि से गेंहूँ की फसल व सेब सहित अधिकतर फलदार पौधों को भारी नुकसान हुआ है। वही यह बारिश लहसुन, प्याज और मटर आदि नगदी फसलों के लिए वरदान मानी जा रही है। लगातार हो रही बारिश से नदियों नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है।

सिरमौर जिले में पिछले दो दिनों से बेमौसमी बरसात हो रही है। अप्रैल महीने में हो रही बरसात से पहाड़ों सहित मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान में भारी गिरावट आई है। इस बरसात से जहां फलदार पौधों, लहसुन, प्याज और मटर आदि नगदी फसलों को संजीवनी मिली है। वहीं यह बारिश लगभग तैयार खड़ी गेहूं की फसलों के लिए नुकसानदायक मानी जा रही है। रुक-रुक कर हो रही बारिश और तापमान में गिरावट और नमी के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में गेहूं की फसल पकने में देरी हो गई है।

उधर, जिले के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र हरिपुरधार, संगड़ाह, नोहराधार और शिलाई आदि क्षेत्रों में कई स्थानों पर ओलावृष्टि हुई है। इस ओलावृष्टि ने फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक नुकसान सेब के पौधों को हुआ है। आलू और मटर आदि फसलों को भी ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। तापमान में गिरावट के चलते तैयार फसलों के पकने में भी देरी हो गई है। ओलावृष्टि और बारिश से हुए नुकसान के चलते किसने और बागवानों की चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय किसान मेलाराम शर्मा का कहना है कि भारी नुकसान से किसानों के आय के स्रोत खत्म हो गए हैं। लिहाजा, किसानों और बागवानों को नगदी फसलों और फलदार पौधों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर