सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के दौरान निजी कार्यक्रमों पर रोक की तैयारी
शिमला, 29 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के दौरान आयोजित होने वाले निजी कार्यक्रमों पर रोक लगाने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। प्रस्ताव में सरकारी मंत्रियों के कार्यक्रमों को छोड़कर निजी स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों को रोकने की बात कही गई है। विभाग का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों की पढ़ाई और शिक्षकों का शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।
प्रस्ताव के अनुसार स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान छात्रों और शिक्षकों का कक्षा में पढ़ाई पर ध्यान कम होता है और शिक्षण का समय भी प्रभावित होता है। विभाग स्कूलों में पढ़ाई के लिए अधिक से अधिक समय उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में स्कूलों में होने वाले लंबे कार्यक्रमों को सीमित करने का प्रस्ताव है।
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रधानाचार्यों के लंबे भाषणों को भी सीमित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा सामाजिक संस्थाओं की ओर से स्कूल परिसरों में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। शिक्षा निदेशालय की ओर से तैयार प्रस्ताव अब सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
विभाग का फोकस स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों के लिए पढ़ाने और पढ़ने का अधिक समय सुनिश्चित करने पर है। इसके लिए शिक्षा विभाग स्कूलों में शिक्षकों के वास्तविक शिक्षण कार्य का जिला स्तर पर आकलन करने की तैयारी भी कर रहा है। इस आकलन में यह देखा जाएगा कि शिक्षक कितने दिन स्कूल में उपस्थित रहे और कितने दिन उन्होंने कक्षाएं लीं।
इसी तरह छात्रों की छुट्टियों और उनकी उपस्थिति का भी जिला स्तर पर आकलन किया जा सकता है। इसके आधार पर स्कूलों में शिक्षण दिवस और कक्षा में बिताए गए समय की स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। विभाग का उद्देश्य स्कूलों में गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में लगने वाले समय को कम करना और शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा