हिमाचल के 151 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न से बढ़ा नामांकन
शिमला, 09 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस शैक्षणिक सत्र से लागू किए गए सीबीएसई पैटर्न के शुरुआती परिणाम उत्साहजनक सामने आए हैं। राज्य के 151 सरकारी स्कूलों में इस व्यवस्था की शुरुआत के बाद कई जिलों में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ते प्रवेश को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इन स्कूलों में तीनों प्रमुख संकाय—मेडिकल, नॉन-मेडिकल और कॉमर्स—शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर विकल्प मिल सकें।
शिक्षा विभाग के अनुसार सीबीएसई पैटर्न लागू होने के बाद कई दूरदराज़ क्षेत्रों के स्कूलों में भी विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। चंबा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलाड़ में नामांकन 90.24 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि मंडी जिले के जंजैहली में 90.43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। किन्नौर के रिकांगपिओ में 50.50 प्रतिशत और शिमला जिले के नेरवा में 52.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी सामने आई है। इसी तरह शिमला के घनाहट्टी में 26.27 प्रतिशत, लाहौल-स्पीति के काजा में 23.40 प्रतिशत, शिमला के ठियोग में 16.19 प्रतिशत, सिरमौर के नौहराधार में 29.69 प्रतिशत और शिमला जिले के चोपाल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 28.16 प्रतिशत नामांकन बढ़ा है। अन्य कई स्कूलों में भी विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया गया है, वहां जल्द से जल्द तीनों शैक्षणिक संकाय शुरू करने की आवश्यक तैयारियां पूरी की जाएं। उनका कहना है कि इससे छात्रों को अपने घर के पास ही विज्ञान और वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई का अवसर मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की जरूरत कम पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों का असर अब दिखाई देने लगा है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश की स्थिति देश में पहले की तुलना में बेहतर हुई है। उनके अनुसार वर्ष 2021 में शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश का स्थान 21वां था, जो अब सुधरकर पांचवें स्थान तक पहुंच गया है। इसके साथ ही हिमाचल ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव भी हासिल किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा