राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं युवा : राज्यपाल कविंदर गुप्ता

 


शिमला, 27 मार्च (हि.स.)। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा है कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है और युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा मिल जाए तो वे देश के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वे शुक्रवार को शिमला के गेयटी थियेटर में आयोजित “युवा प्रेरणा से राष्ट्र उत्थान” विषय पर संगोष्ठी और युवा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से स्वर्गीय सुनील उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वर्गीय सुनील उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद संगोष्ठी में वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, उनके दायित्व और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि भारत एक युवा देश है और अगर युवाओं को सही दिशा और अवसर मिलें तो वे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आज के युवाओं में नई सोच, ऊर्जा और बदलाव की क्षमता है। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर बनने, नवाचार अपनाने और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से ही देश आगे बढ़ सकता है।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेश ठाकुर भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होता, इसी समय में जीवन के मूल्य, अनुशासन और सामाजिक चेतना विकसित होती है। उन्होंने युवाओं से समाज की समस्याओं के समाधान में आगे आने और सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने का आग्रह किया।

इस अवसर पर ट्रस्ट की ओर से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले चार युवाओं को सम्मानित भी किया गया। अर्पण चावला को गौ सेवा और संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रेम लाल को खेल क्षेत्र में उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रशिक्षक के रूप में उनके कार्य के लिए सम्मान दिया गया। प्रवीण वर्मा (पहाड़न टीम) को स्टार्टअप और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं ईशा कटोच (द कार डॉक्टरज़) को उद्यमिता और स्वावलंबन के क्षेत्र में उनके कार्य के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मानित युवाओं ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे आगे भी समाज और देश के लिए काम करते रहेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षाविद और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा