वर्क कल्चर अपनाओ, तभी आगे बढ़ेगा हिमाचल’ : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल

 


शिमला, 08 मार्च (हि.स.)। वर्क कल्चर अपनाओगे तो सुखी रहोगे, नहीं अपनाओगे तो विकास नहीं होगा। हिमाचल प्रदेश से विदा लेते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रदेश के नेताओं और समाज को यही संदेश दिया। तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद अब वे तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने हिमाचल में बिताए अपने अनुभव साझा किए और कई अहम मुद्दों पर चिंता और सुझाव भी रखे।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अपने तीन साल के कार्यकाल को स्वर्णिम अनुभव बताया। उन्होंने रविवार को लोकभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस दौरान हिमाचल प्रदेश के हर वर्ग सरकार, प्रशासन और आम लोगों से उन्हें भरपूर सहयोग मिला। इसी सहयोग के कारण वे कई सामाजिक अभियानों को आगे बढ़ा पाए।

उन्होंने खास तौर पर नशामुक्त हिमाचल अभियान का जिक्र किया। राज्यपाल ने कहा कि जब उन्होंने यह अभियान शुरू किया था, तब इसका मकसद केवल जागरूकता फैलाना नहीं बल्कि समाज को नशे के खिलाफ एकजुट करना था। उनके मुताबिक इस अभियान से नशे के खिलाफ माहौल बनाने में काफी हद तक सफलता मिली है, लेकिन अभी भी इसे और तेज़ी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने समाज और सरकार दोनों से अपील की कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई को लगातार जारी रखा जाए।

राज्यपाल ने प्रदेश के विकास और कार्य संस्कृति पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को बने हुए 50 साल से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन कई मामलों में प्रदेश अभी भी अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य जो हिमाचल के बाद बने, कई क्षेत्रों में आगे निकल चुके हैं। ऐसे में हिमाचल के नेताओं और व्यवस्था को मजबूत कार्य संस्कृति अपनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि कार्य संस्कृति केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, समाज के हर क्षेत्र में इसका विकास जरूरी है। अगर लोग ईमानदारी और मेहनत से काम करेंगे तो प्रदेश अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। उनके शब्दों में वर्क कल्चर नहीं लाओगे तो विकास नहीं होगा।

इस दौरान राज्यपाल ने प्रदेश में बढ़ रहे टीबी के मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है और इसके मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि टीबी मुक्त हिमाचच बनाने के लक्ष्य को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाए और लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जाए।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य के जनजातीय इलाकों में ‘नौतोड़’ व्यवस्था लागू करने को लेकर राज्य सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उनके मुताबिक इन क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष नीतियों और योजनाओं पर काम करना जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा