युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाएं, रक्तदान को बनाएं जन-आंदोलन: राज्यपाल

 


शिमला, 02 अगस्त (हि.स.)। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने लोगों, खासकर युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद की जान बचाने से बड़ा कोई पुण्य का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान ने काफी प्रगति की है, फिर भी आज तक मानव रक्त का कोई विकल्प नहीं बन सका है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।

राज्यपाल रविवार को शिमला के लोक भवन में नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (एनआईएफए) की ओर से आयोजित सम्मान समारोह ‘संवेदना-2’ को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने में योगदान देने वाले सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और अन्य लोगों को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने सभी उपस्थित लोगों को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किया गया ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ युवाओं को नशे से दूर रहने और देश के विकास में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण से जुड़ा एक जन-आंदोलन है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारत को नशे की बुराई से मुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि एनआईएफए ने सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण, युवा जागरूकता और जनसेवा के क्षेत्र में भी सराहनीय काम किया है। उन्होंने संगठन के देशव्यापी स्वैच्छिक रक्तदान अभियान ‘संवेदना’ की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके तहत देशभर में हजारों रक्तदान शिविर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी जैसे कठिन समय में भी संगठन ने बड़ी संख्या में लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया और जरूरतमंद मरीजों तक रक्त पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राज्यपाल ने सम्मान प्राप्त करने वाले सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मान उन्हें समाज सेवा के कार्यों में और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के युवाओं और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों की भी सराहना की, जो प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित कर लोगों की जान बचाने के प्रयास कर रहे हैं।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने दिल्ली में हाल ही में हुए जेन-जी आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा और सकारात्मक सोच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई बार असामाजिक तत्व ऐसे मौकों का अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं से काफी उम्मीदें हैं। उनका विश्वास है कि अगर युवा अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय हित में लगाएंगे तो भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।

कार्यक्रम में एनआईएफए के संस्थापक अध्यक्ष सरदार प्रीतपाल सिंह पन्नू ने संगठन की यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 25 वर्ष पहले केवल सात लोगों ने मिलकर इस संगठन की शुरुआत की थी। वर्ष 2009 में एनआईएफए को देश के सर्वश्रेष्ठ युवा संगठन के रूप में राष्ट्रीय युवा पुरस्कार मिला था। उन्होंने कहा कि संगठन स्वैच्छिक रक्तदान के साथ-साथ कई सामाजिक विषयों पर भी लगातार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठन के लगभग 7,000 युवा स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं। ये स्वयंसेवक समाज कल्याण, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने के लिए आगे आने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा