राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों से किया संवाद, युवाओं में संस्कारों पर दिया जोर
शिमला, 29 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने रविवार को शिमला स्थित लोक भवन में वरिष्ठ नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनके साथ विस्तार से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक अनुभव के संरक्षक हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
लोक भवन में आयोजित इस बैठक में सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, पूर्व सैनिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित कई अनुभवी वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी।
वरिष्ठ नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना और सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम जैसी योजनाओं की सराहना की। उनका कहना था कि इन योजनाओं से उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिली है, आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई है और सम्मान के साथ जीवन जीने का भरोसा बढ़ा है।
राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों के सुझावों और अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों तक केंद्र सरकार की योजनाओं का विस्तार सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत समाज के हर वर्ग, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है।
राज्यपाल काविंदर गुप्ता ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक केवल अनुभव के भंडार ही नहीं हैं बल्कि वे समाज को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी हैं। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे युवाओं के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा करें और उन्हें नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते सामाजिक और तकनीकी दौर में बच्चों और युवाओं में ईमानदारी, संवेदनशीलता, बड़ों के प्रति सम्मान और देश के प्रति कर्तव्य जैसी मूलभूत मान्यताओं को मजबूत करना बहुत जरूरी है। इससे समाज की नैतिक आधारशिला और मजबूत होगी।
राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से यह भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करें, जिससे अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विकसित और समावेशी भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता जरूरी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा