नशे के खिलाफ मिशन मोड में चलाना होगा जनआंदोलन, बच्चों को शुरुआत से ही करें जागरूक : राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

 


शिमला, 01 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि नशे की बढ़ती समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक बनाना आवश्यक है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए नशे के विरुद्ध मिशन मोड में सामूहिक अभियान चलाने का आह्वान किया।

राज्यपाल बुधवार को राजभवन स्थित लोक भवन में अनुव्रत विश्व भारती सोसायटी द्वारा आयोजित ‘एलीवेट-एक्सपीरियंस द रियल हाई, ए स्टेप टुवर्ड्स ड्रग-फ्री हिमाचल’ अभियान के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सोसायटी के राज्यव्यापी नशा जागरूकता अभियान की शुरुआत भी की गई, जिसे आगामी दिनों में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंचाया जाएगा।

राज्यपाल ने इस पहल को ‘नशा मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि वास्तविक सफलता और ऊंचाई स्वस्थ, अनुशासित तथा उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने में है, न कि नशे की गिरफ्त में आकर भविष्य को बर्बाद करने में। उन्होंने कहा कि ‘एलीवेट’ अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले रहा है, जो युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने कहा कि यदि इस अभियान के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से जमीनी स्तर पर लागू किया जाए तो हिमाचल प्रदेश नशा मुक्त राज्य बनने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर सकता है। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाना परिवार, समाज, शिक्षण संस्थानों और प्रशासन सभी की साझा जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नियमित संवाद, मार्गदर्शन और परामर्श के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे की ओर बढ़ने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए युवाओं का स्वस्थ एवं नशामुक्त रहना आवश्यक है।

राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश भी अब नशे की चुनौती से अछूता नहीं है। यदि प्रदेश का युवा वर्ग नशामुक्त रहेगा तो वह राज्य को अधिक सशक्त, स्वस्थ और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ने नशा उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया तथा नशा जागरूकता पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया।

कार्यक्रम में एनआईटी जालंधर के निदेशक एवं एनआईटी श्रीनगर के अतिरिक्त निदेशक प्रो. विनोद कुमार कनोजिया ने युवाओं में मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। इससे पूर्व एलीवेट के राष्ट्रीय आउटरीच प्रमुख संयोग दत्त शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। विद्या भारती हिमाचल प्रदेश के संगठन मंत्री ज्ञान कुमार, समाजसेवी गोपाल किशन तथा अनुव्रत विश्व भारती सोसायटी के सदस्य मनीष शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, समाजसेवियों, प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला