भगवान शिव का त्रिशूल हमें सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है : राज्यपाल

 


मंडी, 22 फ़रवरी (हि.स.)। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव का विधिवत समापन किया। मंडी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान में आयोजित समापन समारोह के अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि शिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि धर्म, समर्पण और संतुलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा भगवान शिव का त्रिशूल हमें सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। हिमाचल की देव संस्कृति हमारी आध्यात्मिक धरोहर है। उन्होंने मंडी जिला प्रशासन की ओर से मेले के सफल आयोजन की सराहना की।

राज्यपाल ने पिछले वर्ष की आपदा का जिक्र करते हुए करसोग और सराज के लोगों के जज्बे को नमन किया और भगवान शिव से प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की। उन्होंने प्रधानमंत्री के मन की बात का उल्लेख करते हुए कहा कि मंडी मांडव्य त्रृषि की अदभुत नगरी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल देव परंपरा का केंद्र बिंदु है। मंडी नगरी की 500 सालों की गौरवशाली परंपरा है, पांच सौ सालों का इतिहास है, शिवरात्रि को लेकर लोगों का प्रबल उत्साह है।

उन्होंने कहा कि कुल्लू का दशहरा और मंडी की शिवरात्रि दोनों ही अंतर्राष्ट्रीय मेले हैं। मंडी का भूतनाथ मंदिर वास्तुकला का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने मंडी जिला प्रशासन और मंडी के लोगों से अपील की इस वास्तु कला को बनाए रखें, इसे मिटने न दें और न ही इसमें बदलाव करें।

राज्यपाल ने कहा कि राम और शिव हमारे आराध्य व पूर्वज हैं। उन्होंने कहा कि अन्य देशो के जेनजी ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाने में लगी है, मगर मंडी हिमाचल का जेनजीशिव के ताल में ताल से ताल मिला कर नाच रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यावरण विखंडन की वजह से भारी उत्पात मचा था। भगवान शिव शंकर से प्रार्थना है कि डमरू के तांडव में हिमाचल की हर चीज को सुरक्षित रखे।

इस अवसर पर लेडी गर्वनर जानकी शुक्ल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, साधना ठाकुर, अनिल शर्मा, चंद्रशेखर, पूर्णचंद ठाकुर, इंद्र सिंह गांधी, दलीप ठाकुर, दीपराज, वीरेंद्र भट्ट शर्मा

एवं पार्षदगण मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा