सिरमौर : 11 साल बाद ‘गौ रक्षक’ मामले में सभी 11 आरोपी बरी
नाहन, 13 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले की एक अदालत ने लगभग 11 साल पुराने चर्चित ‘गौ रक्षक’ मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष अरुण भंडारी सहित सभी 11 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हो सके। इस फैसले के बाद इलाके में उनके समर्थकों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला और सराहां में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
यह मामला अक्टूबर 2015 की एक सर्द रात से जुड़ा है, जब गौवंश से भरी एक गाड़ी का पीछा करते हुए कुछ गौ रक्षकों ने कथित तौर पर आरोपियों को पकड़ा था। उस समय आरोप लगाया गया था कि गौ तस्करी की आशंका में गाड़ी का पीछा किया गया। बताया गया कि जब वाहन को रोका गया तो उसमें मौजूद लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में चलती गाड़ी से गौवंश को नीचे फेंक दिया, जिससे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया था।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन इसी दौरान पुलिस कस्टडी में एक आरोपी की मौत हो गई। इसके बाद मामला और पेचीदा हो गया और जांच का दायरा बढ़ा। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर कुछ अधिकारियों ने गौ रक्षकों की कार्रवाई की सराहना की थी, लेकिन तीन दिन बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर गौ रक्षक समूह से जुड़े 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
पिछले 11 वर्षों से यह मामला अदालत में चल रहा था और दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की जा रही थीं। लंबी सुनवाई के बाद अब अदालत ने फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।
फैसले के बाद सराहां में समर्थकों ने आरोपियों का स्वागत किया और इसे न्याय की जीत बताया। इस मौके पर राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार भी पहुंचे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भले ही न्याय मिलने में 11 साल लग गए, लेकिन आखिरकार सच्चाई की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि यह उन युवाओं के धैर्य, त्याग और विश्वास की जीत है, जिन्होंने इतने लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़ी।
मनोज कुमार ने कहा कि इस पूरे मामले ने इन युवाओं और उनके परिवारों के जीवन को लंबे समय तक प्रभावित किया, लेकिन उन्होंने न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा। उनका कहना था कि अदालत के फैसले से यह साबित हुआ है कि सच अंततः सामने आता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर