कृषि उपज मंडी में धान की खरीद और उठान में देरी को लेकर फूड एंड सप्लाई विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, किसान परेशान
नाहन, 26 अक्टूबर (हि.स.)। पांवटा साहिब में कृषि उपज मंडी में धान की खरीद और उठान में देरी को लेकर फूड एंड सप्लाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान दो से तीन दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। खरीद प्रक्रिया में धीमी रफ्तार और धान का समय पर उठान नहीं होने से किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। नाराज किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कल ट्रैक्टर लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचेंगे और धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।
किसान गुलजार सिंह ने बताया कि अब प्रशासन के सामने अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला लिया है। किसानों ने ऐलान किया है कि कल ट्रैक्टर लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचेंगे और धरना शुरू करेंगे। किसानों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन जारी रखने को मजबूर होंगे।
किसानों ने मंडी में ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं होने और कैंटीन की सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। दूर-दराज के क्षेत्रों से धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को कई दिनों तक मंडी में रुकना पड़ता है। ऐसे में बैठने, ठहरने और भोजन की बेहतर व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। किसानों का कहना है कि मंडी में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से उनकी परेशानी और बढ़ रही है।
वहीं, मंडी सचिव ने बताया कि मंडी में कुल 11 शेड हैं, जिनमें से सात का इस्तेमाल किया जा रहा है। धान की खरीद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने बताया कि मंडी का पुराना गेस्ट हाउस डिस्मेंटल किया जा रहा है, जिस कारण किसानों को ठहरने में परेशानी हो रही है। हालांकि, किसानों के बैठने के लिए हॉल उपलब्ध है और कैंटीन में भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।
मंडी सचिव ने आश्वासन दिया कि व्यवस्थाओं में जहां भी कमी होगी और अतिरिक्त सुविधाओं की जरूरत पड़ेगी, वहां सुधार के प्रयास किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर