राशन डिपो में क्या मिले, अब उपभोक्ताओं की पसंद से बनेगी रिपोर्ट

 


शिमला, 18 जुलाई (हि.स.)। शिमला जिले में उचित मूल्य की दुकानों (राशन डिपो) पर मिलने वाली खाद्य सामग्री अब लोगों की जरूरत और पसंद के आधार पर तय करने की दिशा में पहल शुरू की गई है।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी फूड इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अगले दस दिनों के भीतर उपभोक्ताओं से फीडबैक लेकर रिपोर्ट तैयार करें। इस रिपोर्ट में यह जानकारी जुटाई जाएगी कि उचित मूल्य की दुकानों में कौन-कौन सी खाद्य वस्तुएं उपलब्ध हैं और लोगों की मांग किन वस्तुओं या दालों की अधिक है। इसके बाद यह रिपोर्ट खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को भेजी जाएगी।

उपायुक्त की अध्यक्षता में शनिवार को जिला सार्वजनिक वितरण समिति और जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और प्रभावी बनाने, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि जिले के कुछ क्षेत्रों में कुछ प्रकार की दालों की खरीद कम हो रही है। ऐसे में लोगों की मांग के अनुसार रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी, जिससे उचित मूल्य की दुकानों में वही दालें या अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके, जिनकी जरूरत अधिक है।

बैठक में उपायुक्त ने उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन के बाद लंबित औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाएं तय समय सीमा में पूरी हों, जिससे पात्र उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न मिलता रहे। बैठक में दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच विभिन्न योजनाओं के तहत खाद्यान्न की उपलब्धता और वितरण की भी समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में वर्तमान में दो उचित मूल्य की दुकानों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। इनमें एक चिड़गांव के छआरा क्षेत्र और दूसरी चौपाल तहसील के शिलावणी गांव में संचालित है। उन्होंने कहा कि इन समूहों के प्रयास उत्साहजनक हैं और अन्य स्वयं सहायता समूहों को भी इस दिशा में आगे आना चाहिए।

बैठक में जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नई उचित मूल्य की दुकानें खोलने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। इनमें जुब्बल, चौपाल, नारकंडा, चिड़गांव, बसंतपुर, सुन्नी, ननखड़ी, रामपुर, ठियोग, मशोबरा, कोटखाई, कुपवी और टुटू विकास खंडों के कई गांव और वार्ड शामिल हैं। समिति ने नए प्रस्तावों के साथ पहले से लंबित मामलों की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा