पेंशन बहाली और पदोन्नति की मांग को लेकर 12 से 18 नवंबर तक दिल्ली में भूख हड़ताल करेंगे पूर्व अर्ध सैनिक
शिमला, 26 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के पूर्व जवान पेंशन बहाली, अधिकारियों की समयबद्ध पदोन्नति और पुनर्वास सहित अन्य मांगों को लेकर 12 से 18 नवंबर तक नई दिल्ली में सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे। अलायन्स ऑफ ऑल एक्स पैरा मिलिटरी फोर्सेस एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने सोमवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त जवानों में अपनी मांगों की अनदेखी को लेकर रोष है। देश की सुरक्षा करते हुए अर्ध सैनिक बलों के जवान भी शहादत देते हैं। ऐसे में उनके साथ पेंशन और अन्य सुविधाओं के मामले में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सीआरपीएफ के पूर्व एडीजी एचआर सिंह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के अधिकारियों की समयबद्ध पदोन्नति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 23 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सीएपीएफ को ऑर्गनाइज्ड ग्रुप 'ए' सर्विस का दर्जा देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। एसोसिएशन का आरोप है कि इसके बाद केंद्र सरकार ने सीएपीएफ (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) एक्ट, 2026 संसद में पारित कराया। इससे करीब 13 हजार कैडर अधिकारियों की समयबद्ध पदोन्नति प्रभावित होने की आशंका है।
एसोसिएशन के प्रतिनिधि वीएस कदम ने पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 11 जनवरी 2023 को केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के जवानों की पुरानी पेंशन से संबंधित मामले में फैसला सुनाया था। केंद्र सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। एसोसिएशन को अब इस मामले में सुनवाई का इंतजार है। उन्होंने कहा कि करीब 11 लाख अर्ध सैनिक जवानों और उनके परिवारों से जुड़े पेंशन के मुद्दे का जल्द समाधान होना चाहिए।
कदम ने वेतन और पेंशन के पुनर्निर्धारण का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के अनुसार केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के जवानों का वेतन और पेंशन एक जनवरी 1996 से पुनर्निर्धारित किया जाना है, जबकि पहले इसकी गणना 10 अक्टूबर 1997 से की जा रही थी। इस प्रक्रिया के लिए सीआरपीएफ के महानिदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से सेवारत और सेवानिवृत्त जवानों के वेतन और पेंशन का पुनर्निर्धारण जल्द पूरा करने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा