हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पांच लाख कम हुआ बच्चों का नामांकन
शिमला, 05 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले दो दशकों के दौरान विद्यार्थियों के नामांकन में बड़ी गिरावट आई है। वर्ष 2002 में पहली से आठवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में करीब 9 लाख 70 हजार छात्र नामांकित थे, जो अब घटकर लगभग 4 लाख 2 हजार रह गए हैं। ये जानकारी शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने दी।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने के कदम उठाने शुरू किए हैं।
रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के भट्टाड़-ढाडी क्षेत्र के दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में रोहित ठाकुर ने बताया कि इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रदेश के लगभग 2000 सरकारी स्कूलों में से पहले चरण में 151 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि अभिभावकों का भरोसा फिर से सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ सके। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत पहली कक्षा से अंग्रेजी भाषा की पढ़ाई और स्मार्ट ड्रेस जैसे कदम भी शुरू किए जा रहे हैं।
वहीं शिक्षा विभाग में ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर पूछे गए सवाल पर रोहित ठाकुर ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने के पक्ष में हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसी नीति को लागू करने के लिए सभी पक्षों की सहमति जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर सदन में विपक्ष के सदस्यों से भी चर्चा की गई है और देश के कई अन्य राज्यों में ऐसी नीतियां पहले से लागू हैं, इसलिए हिमाचल प्रदेश में भी इस दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आंनद शर्मा के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों की सराहना की थी। रोहित ठाकुर ने कहा कि आनंद शर्मा पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वे वैश्विक परिस्थितियों और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखते हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा