शिमला जिले की 42 ग्राम पंचायतों का निर्विरोध चयन
शिमला, 16 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के बीच शिमला जिले की 42 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। जिला शिमला में कुल 441 ग्राम पंचायतें हैं और इनमें से 9.52 प्रतिशत पंचायतों में बिना मुकाबले ही उम्मीदवार विजयी घोषित हुए हैं। पंचायतों में यह जानकारी जिला पंचायत अधिकारी एवं सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) शिमला की ओर से पंचायती राज विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में सामने आई है। शुक्रवार शाम को नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए।
रिपोर्ट के अनुसार चौपाल विकास खंड में सबसे ज्यादा 10 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। इनमें खद्दर, बिजमल, कुटाह, क्यारी (शिलान), बाघर (चौकी), सराहन, पंद्राड़ा, जवाग चमरोग, लच्छोग और बोहर पंचायतें शामिल हैं। इसके बाद छौहारा विकास खंड में 7 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। इनमें अम्बोई, खशाली, धमवारी, दियुड़ी-मायला, पेखा, रणोल और थाना पंचायत शामिल हैं।
ठियोग विकास खंड में भी 7 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। इनमें बलग, रौणी मतियाना, भोगड़ा-पल्ली, घूंड, क्यारा, ग्वाही स्थित देवी मोड़ और मुंडू पंचायतें शामिल हैं। रोहड़ू विकास खंड में 5 पंचायतों में मुकाबला नहीं हुआ। यहां करचाड़ी, पुजारली-3, जगोठी, मुंचारा और अंतापू-बटाड़ी पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं।
कोटखाई विकास खंड में गुम्मा, थरोला और घुंडा बढ़ेच पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं, जबकि कुपवी विकास खंड में चुरायन डाक-श्राड़, मलाट और बाग धमराह पंचायतों में उम्मीदवार बिना मुकाबले जीत गए हैं। बसंतपुर विकास खंड की मंडयालू और हिमरी पंचायतें भी निर्विरोध चुनी गई हैं।
इसके अलावा रामपुर विकास खंड की बढ़ाहल और कूट पंचायत, नारकंडा विकास खंड की शालोंठा पंचायत, ननखड़ी विकास खंड की शोली पंचायत और जुब्बल विकास खंड की भोलाड़ पंचायत में भी चुनाव नहीं हुआ और उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
जिला प्रशासन के अनुसार यह सूची विकास खंडों से टेलीफोन के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। पंचायत चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और जांच के बाद अब कई क्षेत्रों में मुकाबले की तस्वीर साफ होने लगी है।
31 हजार से ज्यादा पदों के लिए होगा मुकाबला
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को होंगे। इस बार प्रदेश में कुल 31,182 पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इनमें 3,754 प्रधान, 3,754 उपप्रधान, 21,654 वार्ड सदस्य, 1,769 बीडीसी सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं।
प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना मतदान खत्म होने के तुरंत बाद की जाएगी। वहीं जिला परिषद और बीडीसी सदस्य पदों की मतगणना 31 मई को होगी। पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और नामांकन जांच के बाद अब मुकाबले की तस्वीर भी साफ होने लगी है।
50 लाख मतदाता करेंगे फैसला, सबसे ऊंचा मतदान केंद्र लाहौल-स्पीति में
इस बार पंचायत चुनाव में 50 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। करीब 52 हजार युवा पहली बार वोट डालेंगे, जिनमें लगभग 23 हजार महिलाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में 21,678 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
लाहौल-स्पीति के काजा क्षेत्र के लांगजा स्थित कौमिक पाठशाला में 4,587 मीटर की ऊंचाई पर प्रदेश का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र बनाया गया है। वहीं सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र की भाटावाली पंचायत में सबसे ज्यादा मतदाता हैं। दूसरी ओर किन्नौर के पूह क्षेत्र के सुमरा गांव में सबसे कम 178 मतदाता दर्ज किए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा