नए कलस्टर सिस्टम के खिलाफ प्राथमिक शिक्षकों ने किया धरना-प्रदर्शन

 


मंडी, 01 मार्च (हि.स.)। जिला भर के हजारों प्राथमिक शिक्षकों ने रविवार को मंडी में नए कलस्टर सिस्टम व अन्य मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बाबू राम कौंडल की अगुवाई में किया गया। जिला के सभी 25 खंडों के शिक्षक उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा के कार्यालय के साथ लगते मैदान में एकत्रित हुए और नए कलस्टर सिस्टम वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय के बाहर इकट्ठे हुए, जहां जिलाध्यक्ष बाबू राम कौंडल सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने शिक्षकों को संबोधित किया।

इस मौके पर बाबू राम कौंडल ने कहा कि नए कलस्टर सिस्टम लागू करने से प्राथमिक शिक्षा का ढांचा गड़बड़ा गया है और प्राथमिक शिक्षकों पर आज दिन नए फरमान जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ ने सरकार के समक्ष कई मर्तबा शिक्षकों की समस्याओं को रखा, लेकिन खेद की बात है कि आज दिन तक संघ की मांगों को अनसुना किया गया। उन्होंने चेतावनी हुए कहा कि कि प्राथमिक शिक्षकों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया जाता और संघ को एक सप्ताह के भीतर वार्ता के लिए नहीं बुलाया जाता है तो प्राथमिक शिक्षक अपने आंदोलन को उग्र करने के लिए विवश होंगे, जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की होगी।

बाबू राम कौंडल ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारी मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं, जिससे शिक्षकों की मांगों को लंबे समय से अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने 23 सितंबर 2025 को नई परिसर प्रणाली पर एक अधिसूचना जारी की गई थी और इस अधिसूचना से पूर्व शिक्षा विभाग द्वारा 20 नवंबर 2023 को नए क्लस्टर निर्माण पर एक अधिसूचना जारी की गई थी। इस अधिसूचना कर प्राथमिक शिक्षक संघ ने उस समय विरोध किया था, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखते हुए 13 फरवरी 2024 को संशोधित अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना में बनाए गए क्लस्टर सिस्टम को रिसोर्स शेयरिंग तक रखने पर सहमति बनी थी। 23 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना के दिशा निर्देशों में प्राथमिक शिक्षा पूर्ण नियंत्रण व संचालन प्रिसिंपल को दे दिया गया है, जोकि प्राथमिक शिक्षकों के हितों के साथ कुठाराघात है।

बाबू राम कौंडल ने कहा कि इस अधिसूचना के उपरांत प्राथमिक शिक्षकों से पदोन्नत होने वाले मुख्य शिक्षकों, केंद्रीय मुख्य शिक्षकों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी की प्रशासनिक शक्तियां व कार्य क्षेत्र सीमित रह जाएगा और भविष्य में यह पद निरर्थक हो जाएंगे। इस अधिसूचना के जारी दिशा निर्देशों में विरोधाभास की स्थिति है और प्राथमिक शिक्षकों को दो-दो प्रशासनिक इकाइयों के अधीन किया जा रहा है। इससे प्राथमिक शिक्षा को भविष्य में भारी नुकसान होने वाला है। यदि इस अधिसूचना को जल्दी वापस नहीं लिया गया तो प्राथमिक शिक्षक संघ प्रदेश व्यापी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर संघ के प्रदेश सह सचिव दीप वर्मा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हेमराज ठाकुर, जिला महासचिव अतुल लखनपाल सहित समस्त जिला कार्यकारिणी, द्रंग-1 के अध्यक्ष बलवीर ठाकुर व चौंतड़ा-1 के प्रधान कपिल राव सहित सभी खंडों के अध्यक्ष मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा