ईडी द्वारा गिरफ्तार एकेडमी संचालकों से अपना रिश्ता बताएं मुख्यमंत्री सुक्खू: जयराम ठाकुर

 


मंडी, 30 मई (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यप्रणाली और संदिग्ध व्यावसायिक संलिप्तता पर सवाल उठाए हैं ।

उन्होंने शनिवार को एक बयान में कहा कि चंडीगढ़, मोहाली, जीरकपुर और पंजाब के रियल एस्टेट क्षेत्र में मनी लॉन्ड्रिंग और घर खरीदारों के करोड़ों रुपए की हेराफेरी के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किए गए हैं। इन संचालकों और प्रदेश में चल रही क्रेक एकेडमी से संबंधित प्रमोटरों से आखिर मुख्यमंत्री का क्या गुप्त रिश्ता है। क्योंकि मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रदेश विधानसभा के भीतर बड़े-बड़े वादे करते हुए सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि यह क्रेक एकेडमी हिमाचल प्रदेश के हर एक विधानसभा क्षेत्र में अपनी शाखाएं खोलेगी। जिसके प्रचार-प्रसार और तथाकथित कौशल विकास के नाम पर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए फूंक दिए गए। लेकिन आज जब ईडी की जांच में इन प्रमोटरों द्वारा घर खरीदारों के पैसों को सेल कंपनियों और अंतर्निहित संदेहास्पद वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क के माध्यम से डायवर्ट करने तथा सीएलयू मंजूरियों में भारी हेराफेरी की गई। वहीं विनियामक मानदंडों के उल्लंघन की संदिग्ध भूमिका पाई गई है।

जयराम ने कहा कि अब जब मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, तो यह हिमाचल प्रदेश के युवाओं और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का एक बहुत बड़ा घोटाला प्रतीत होता है। जिसने मुख्यमंत्री कार्यालय की शुचिता को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। इसलिए मुख्यमंत्री को तुरंत प्रदेश की जनता के सामने आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन दागी और हवाला कारोबार में संलिप्त प्रमोटरों को संरक्षण देने के पीछे उनकी क्या मजबूरी थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा