डीएसपी की शिकायत पहुंची राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, डीजीपी से मांगी गई 15 दिन में रिपोर्ट
शिमला, 02 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के दरवाजे तक पहुंच गई है। शिमला में तैनात डीएसपी (मुख्यालय) विजय कुमार की ओर से लगाए गए जाति आधारित उत्पीड़न के आरोपों पर आयोग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग ने हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी कर पूरे मामले में 15 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट और अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा मांगा है। यह नोटिस आयोग के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से 30 जून 2026 को जारी किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि शिकायत की जांच संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत उसे प्राप्त अधिकारों के अनुसार की जा रही है। इस कदम के बाद अब पूरे मामले में पुलिस मुख्यालय की ओर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट पर नजर रहेगी।
3 जून की शिकायत पर आयोग ने शुरू की कार्रवाई
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के नोटिस के अनुसार डीएसपी विजय कुमार ने 3 जून 2026 को आयोग को लिखित शिकायत भेजी थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ जानबूझकर जाति के आधार पर अत्याचार और उत्पीड़न किया गया। शिकायत मिलने के बाद आयोग ने मामले को अपने संज्ञान में लिया और जांच शुरू करने का निर्णय लिया। इसके बाद आयोग ने सीधे हिमाचल प्रदेश के डीजीपी को नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में उपलब्ध तथ्य, विभाग की ओर से की गई कार्रवाई और पूरे मामले की रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर आयोग को भेजी जाए। आयोग ने यह भी कहा है कि जवाब डाक, व्यक्तिगत रूप से या किसी अन्य संचार माध्यम से भेजा जा सकता है।
समय पर जवाब नहीं मिला तो आयोग कर सकता है अगली कार्रवाई
आयोग के वरिष्ठ अन्वेषक प्रवीण चंद्र दियुंडी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर जवाब प्राप्त नहीं होता है तो आयोग संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत उसे प्राप्त सिविल कोर्ट जैसी शक्तियों का उपयोग कर सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारियों को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होने के लिए समन जारी किया जा सकता है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयोग मामले की जांच कर रहा है और प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। आयोग ने नोटिस की प्रति शिकायतकर्ता डीएसपी विजय कुमार को भी भेजी है।
सरकारी गाड़ी को लेकर पहले भी चर्चा में रहा था मामला
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय रही है। आरोप है कि डीएसपी विजय कुमार की सरकारी गाड़ी उनसे उस घटना के बाद वापस ले ली गई थी, जब उन्होंने अपने पूर्व एसएसपी को सरकारी वाहन में लिफ्ट दी थी। इस घटनाक्रम के बाद उन्होंने छोटा शिमला थाना में सामान्य डायरी (जीडी) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। यह मामला उस समय भी पुलिस महकमे में काफी चर्चा में रहा था। अब डीएसपी विजय कुमार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष यह भी आरोप लगाया है कि उनके साथ जाति के आधार पर उत्पीड़न किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा