हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार की 120वीं जयंती पर नमन, नाहन में कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि

 


नाहन, 4 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती मंगलवार को पूरे प्रदेश में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। सिरमौर जिले के चनालग में वर्ष 1906 में जन्मे डॉ. परमार को आधुनिक हिमाचल का शिल्पकार माना जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों के समग्र एवं समान विकास के लिए पृथक राज्य की उनकी परिकल्पना ही हिमाचल प्रदेश के गठन का आधार बनी। उनके प्रयासों से वर्ष 1971 में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ।

जयंती के अवसर पर नाहन स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम में नाहन के विधायक अजय सोलंकी सहित कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. परमार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

इसके बाद बारिश के बावजूद विधायक अजय सोलंकी और कांग्रेस कार्यकर्ता मॉल रोड स्थित डॉ. वाईएस परमार की आदमकद प्रतिमा पर पहुंचे और माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त प्रियंका वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि डॉ. वाईएस परमार ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व और अथक प्रयासों से हिमाचल प्रदेश को नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि आज पूरा प्रदेश उनके योगदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प ले रहा है।

सोलंकी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी डॉ. परमार के विचारों के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर