हिमाचल में दिवाली पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चिट्टा तस्करी और हुड़दंग पर रहेगी पुलिस की नजर
शिमला, 05 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में दिवाली के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग ने राज्यभर में विशेष इंतजाम करने के निर्देश जारी किए हैं। बाजारों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी। पटाखों से आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करवाया जाएगा। वहीं, शराब पीकर वाहन चलाने, तेज रफ्तार, अवैध शराब, जुआ और नशे के कारोबार के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। चिट्टा तस्करी पर कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी गई है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को दिवाली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पुलिस अधिकारी पहले से तैयारियां पूरी करें और मौके पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार जिला पुलिस को भीड़भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करना होगा।
पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके लिए जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग के साथ तालमेल बनाकर काम किया जाएगा। पुलिस को आग लगने और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
त्योहारी दिनों में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही अवैध शराब की बिक्री, जुआ और मादक पदार्थों की तस्करी पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी। चिट्टा तस्करी के मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। डीजीपी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रहे एंटी चिट्टा जन आंदोलन के तहत नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस को यातायात और पार्किंग व्यवस्था सुचारू रखने के लिए भी कहा गया है। बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को आवाजाही में परेशानी न हो, इसके लिए जरूरत के अनुसार यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान रहेगा। इसके अलावा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखी जाएगी।
आपात स्थिति में लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध करवाने के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस)-112 को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों और आपात घटनाओं की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
डीजीपी अशोक तिवारी ने स्पष्ट किया है कि दिवाली के दौरान पुलिस की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे लोगों को त्योहार मनाने में सुविधा मिले और उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो। पुलिस कर्मचारियों को व्यापारियों, बाजार समितियों और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ संपर्क बनाए रखने तथा आम लोगों के साथ विनम्रता और संवेदनशीलता से पेश आने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पुलिस अधीक्षकों को तैयारियों के लिए व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह बनाया गया है। उन्हें पहले से निरीक्षण करने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने और लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) और रेंज के आईजी तथा डीआईजी भी जिलों में सुरक्षा तैयारियों की निगरानी करेंगे। सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को 7 नवंबर तक पुलिस मुख्यालय में अपनी तैयारियों और निर्देशों के पालन की रिपोर्ट जमा करवानी होगी।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस की तैयारियों का आकलन बैठकों या जारी किए गए निर्देशों की संख्या से नहीं होगा। इसकी असली कसौटी जमीन पर सुरक्षा इंतजाम, घटनाओं को रोकने की क्षमता और आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित कार्रवाई होगी।
उन्होंने प्रदेश के लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों से दिवाली जिम्मेदारी के साथ मनाने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की है। किसी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर 112 नंबर पर सूचना देने को कहा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा