हिमाचल में 'आपदा रक्षक' ऐप शुरू, अब आम लोग भी देंगे आपदा की सूचना

 


शिमला, 05 जुलाई (हि.स.)।

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून दस्तक दे चुका है और अगले 3 माह तक मानसून की सक्रियता के दौरान भूस्खलन, बादल फटने व फ्लैश फ्लड से तबाही होने की आशंका रहती है। इस बार आपदा के समय राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए राज्य सरकार ने 'आपदा रक्षक' नाम का नया मोबाइल ऐप शुरू किया है। इस ऐप के जरिए अब कोई भी नागरिक अपने आसपास होने वाली किसी भी आपदा की जानकारी सीधे जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) तक तुरंत भेज सकेगा। सरकार का मानना है कि समय पर मिलने वाली सूचना से राहत और बचाव कार्य जल्दी शुरू किया जा सकेगा और जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने इस ऐप को तैयार किया है। इसका उद्देश्य आपदा की सूचना मिलने और प्रशासन की कार्रवाई शुरू होने के बीच लगने वाले समय को कम करना है। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़, सड़क बंद होना, हिमस्खलन, जंगलों में आग और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों की ओर से तुरंत दी गई सूचना प्रशासन के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

ऐप का उपयोग करने के लिए लोगों को पहले इसे डाउनलोड करना होगा। इसके बाद नागरिक विकल्प चुनकर पंजीकरण या लॉगिन करना होगा। यदि कहीं कोई आपदा होती है तो उपयोगकर्ता घटना की फोटो लेकर उसका प्रकार चुन सकता है, घटना का संक्षिप्त विवरण लिख सकता है और फोटो अपलोड कर सकता है। ऐप अपने आप घटना स्थल की जीपीएस लोकेशन भी दर्ज कर लेगा।

जैसे ही सूचना भेजी जाएगी, वह संबंधित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के डैशबोर्ड पर तुरंत दिखाई देगी। इसके बाद जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर सकेंगी।

इस ऐप के माध्यम से नागरिक भूस्खलन, बाढ़, जलभराव, बादल फटना, इमारत गिरना, हिमस्खलन, सड़क बंद होना, वनाग्नि, सड़क दुर्घटना, भूकंप और अन्य प्राकृतिक या मानवजनित आपदाओं की सूचना दे सकेंगे।

इस प्रणाली में केवल नागरिकों के लिए ही नहीं, विभागीय अधिकारियों, पुलिस, अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ के लिए भी अलग-अलग लॉगिन की सुविधा दी गई है। इससे सभी विभाग एक ही मंच पर मिलकर तेजी से काम कर सकेंगे।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे 'आपदा रक्षक' ऐप और उसके डाउनलोड लिंक की जानकारी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

प्राधिकरण का कहना है कि इस अभियान का संदेश है, सतर्क रहें, शीघ्र सूचना दें, जीवन बचाएं। उसके अनुसार लोगों की भागीदारी से हिमाचल प्रदेश को आपदा के प्रति अधिक तैयार और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा