137 करोड़ रुपये से सुदृढ़ होगी चैल-चौक-जंजैहली सड़क : मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला, 22 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि कांग्रेस सरकार के प्रयासों से मंडी जिले के सराज क्षेत्र की महत्वपूर्ण चैल-चौक-जंजैहली सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 137.40 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई है। उन्होंने कहा कि 83 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना को राज्य सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत भेजा था। परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी और सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को शिमला स्थित अपने सरकारी आवास ओक ओवर में मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर रहे थे। यह प्रतिनिधिमंडल ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश रेड्डी के नेतृत्व में उनसे मिला। इस दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सराज क्षेत्र के दौरे का निमंत्रण भी दिया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सराज क्षेत्र की कई सड़कों के रख-रखाव और सुधार के लिए भी धनराशि देने की घोषणा की। उन्होंने नौणा-छलैला-विनीधार सड़क के लिए 10 लाख रुपये, बालीचौकी-खलोआ-शारश सड़क के लिए 20 लाख रुपये, नौणा-भराड़ी सड़क के लिए 10 लाख रुपये, खनेठी-खूहन सड़क के लिए 10 लाख रुपये तथा हणोगी-शलोई-छमार सड़क के लिए 10 लाख रुपये मंजूर करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित और समान विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान सराज विधानसभा क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ था और उन्होंने स्वयं क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लिया था। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई है।
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल सरकार ने अपने संसाधनों से आपदा प्रभावितों को दी जाने वाली राहत राशि में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की है। उनके अनुसार, पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए राहत राशि को 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये किया गया है। अन्य सहायता को मिलाकर प्रभावित परिवारों को कुल 8 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सामान के नुकसान पर पहले 2,500 रुपये की सहायता मिलती थी, जिसे बढ़ाकर मकान मालिकों के लिए 1 लाख रुपये और किरायेदारों के लिए 50 हजार रुपये कर दिया गया है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे और पक्के मकानों के लिए भी 1 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पॉलीहाउस को नुकसान होने या मकानों से मलबा और गाद हटाने के लिए कोई राहत नहीं मिलती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने पॉलीहाउस क्षति पर 25 हजार रुपये और मलबा हटाने के लिए 50 हजार रुपये की सहायता देने का प्रावधान किया है। इसके अलावा पशुधन के नुकसान पर भी मुआवजा बढ़ाया गया है। गाय की मृत्यु पर 55 हजार रुपये और भेड़-बकरी के लिए प्रति पशु 9 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। गौशालाओं के पुनर्निर्माण के लिए भी 50 हजार रुपये अतिरिक्त सहायता का प्रावधान किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा