मुख्यमंत्री का एंटी-चिट्टा जन आंदोलन बने जन-जन का अभियान : डीजीपी अशोक तिवारी

 

शिमला, 26 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के एंटी-चिट्टा जन आंदोलन को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान करते हुए हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने एसजेवीएन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रदेशव्यापी नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

तिवारी आज शिमला स्थित एसजेवीएन मुख्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री का संदेश साझा करते हुए कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए परिवारों, शिक्षण संस्थानों, कार्यस्थलों और समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक प्रतिबद्धता आवश्यक है।

मुख्यमंत्री की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि 15 नवंबर, 2025 को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से शुरू किए गए एंटी-चिट्टा जन आंदोलन का उद्देश्य नशे के विरुद्ध संघर्ष को केवल सरकारी अभियान तक सीमित न रखकर एक सतत जन आंदोलन का स्वरूप देना है।

तिवारी ने एसजेवीएन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान का एंबैस्डर बनने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने, अपने परिवारों और समुदायों को इस मुहिम से जोड़ने तथा नशे की लत से जूझ रहे लोगों के प्रति सहयोग एवं संवेदनशीलता का भाव रखने पर बल दिया। उन्होंने नागरिकों से नशे की तस्करी से संबंधित जानकारी पुलिस के साथ साझा करने की भी अपील की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के एंटी-चिट्टा जन आंदोलन पर आधारित एक जागरूकता वीडियो भी प्रदर्शित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला