हिमाचल के सरकारी डेंटल कॉलेज में रैगिंग के आरोप, तीन छात्रों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना

 

शिमला, 24 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के एकमात्र सरकारी डेंटल कॉलेज शिमला में रैगिंग की शिकायत के बाद जांच तेज हो गई है। कॉलेज प्रबंधन ने मामले में तीन आरोपी छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। तीनों छात्रों के अभिभावकों को भी कॉलेज बुलाया गया है। हालांकि, जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग होने की अंतिम पुष्टि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। फिलहाल एंटी रैगिंग कमेटी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

कॉलेज के कुछ जूनियर छात्रों ने अस्पताल प्रबंधन को ई-मेल भेजकर शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीन सीनियर छात्रों ने 7 से 8 जूनियर छात्रों को फोन कर संजौली बुलाया और वहां उनके साथ रैगिंग की। शिकायत के साथ कथित घटनाक्रम से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी भेजी गई थी।

शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दी। कमेटी ने संबंधित छात्रों से जानकारी जुटाई और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की है। मामले की जांच अभी जारी है। कमेटी यह पता लगाने में जुटी है कि जूनियर छात्रों के साथ वास्तव में रैगिंग हुई थी या नहीं।

कॉलेज प्रबंधन ने फिलहाल तीनों आरोपी छात्रों पर नियमों के तहत जुर्माना लगाया है और उनके अभिभावकों को कॉलेज में उपस्थित होने के लिए कहा है। प्रबंधन का कहना है कि रैगिंग से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

डेंटल कॉलेज शिमला के प्रिंसिपल योगेश भारद्वाज ने कहा कि कॉलेज में रैगिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति है। किसी भी तरह की रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच की गई है और तीन छात्रों पर जुर्माना लगाया गया है। उनके माता-पिता को भी कॉलेज बुलाया गया है।

भारद्वाज ने कहा कि जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। कॉलेज प्रबंधन शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा