पोंटा में वन विभाग की छापेमारी पर ग्रामीणों ने एसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

 


नाहन, 20 अप्रैल (हि.स.)। उपमंडल पांवटा साहिब के गांव घुतनपुर में वन विभाग द्वारा की गई एक हालिया छापेमारी विवादों के घेरे में आ गई है। पीड़ित परिवार ने वन विभाग पर साजिश के तहत झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को एसपी सिरमौर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच करवाई जाए।

शिकायतकर्ता मुश्ताक अली निवासी घुतनपुर ने बताया कि बीती 15 अप्रैल की सुबह करीब 4:00 बजे वन विभाग की टीम ने उनके घर और गाड़ी की तलाशी ली। परिजनों का दावा है कि घर और गाड़ी की गहन तलाशी के दौरान टीम को कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ। मुश्ताक अली के अनुसा, गाड़ी की तलाशी ग्राम पंचायत पातलियों के प्रधान सज्जन सिंह की मौजूदगी में हुई थी, जिसमें कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।

शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि टीम ने बाद में मुश्ताक अली के भाई अख्तर अली के मकान की छत की तलाशी ली, जहाँ कुछ जंगली जानवरों के अवशेष और खाली कारतूस बरामद होने की बात कही गई। परिवार का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने रंजिश के चलते रात के अंधेरे में ये वस्तुएं छत पर फेंक दी थीं। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित पक्ष ने वन विभाग की टीम पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गाड़ी की दो बार तलाशी में कुछ नहीं मिला, लेकिन तीसरी बार टीम ने अचानक गाड़ी से कुछ बाल बरामद करने का दावा किया और मुश्ताक अली के बेटे सद्दाम हुसैन को भी केस में उलझा दिया।

ग्रामीणों ने शिकायत में एक अहम बिंदु उठाया है। उन्होंने बताया कि घटना वाली सुबह करीब 2:06 बजे गांव के ही एक व्यक्ति के घर लगे सीसीटीवी कैमरे में एक बिना नंबर की सेंट्रो कार दिखाई दी है। ग्रामीणों को शक है कि इसी गाड़ी में आए लोगों ने साजिश के तहत उनके घर की छत पर सामान फेंका है। उन्होंने मांग की है कि पुलिस प्रशासन इस सीसीटीवी फुटेज को खंगाले और बिना नंबर की गाड़ी की जांच करे।

इस मामले को लेकर एसपी सिरमौर ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से सुना। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिक तौर पर यह वन विभाग का मामला है, लेकिन मामले की गंभीरता और साजिश के आरोपों को देखते हुए उन्होंने आश्वासन दिया है कि पुलिस जल्द ही इस पूरे प्रकरण की जांच करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर