विकास परियोजनाओं की सतत निगरानी जरूरी, कोताही बर्दाश्त नहीं : मुकेश अग्निहोत्री

 


ऊना, 27 फ़रवरी (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले में निर्माणाधीन प्रमुख विकास परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध समीक्षा के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला परिषद सभागार में शुक्रवार को आयोजित जिला जन शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर कार्यों की प्रत्यक्ष निगरानी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंदिर कागजों पर नहीं, धरातल पर बनना चाहिए। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के तहत 56 करोड़ रुपये और जिला प्रशासन के 75 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति न होने पर उन्होंने समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। साथ ही दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के विकास मॉडल का अध्ययन कर नवाचार अपनाने को कहा। मंदिर परिसर में सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, रेन शेल्टर और बाजार क्षेत्र में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के निर्देश भी दिए गए।

उपमुख्यमंत्री ने लगभग 100 करोड़ रुपये की श्री माता चिंतपूर्णी रोपवे परियोजना को शीघ्र शुरू करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त पंडोगा में वनखंडी माता मंदिर हेतु 12 करोड़ रुपये की रोपवे परियोजना को अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिले में निर्माणाधीन पुलों को प्राथमिकता से पूरा करने, ‘मिसिंग लिंक’ समाप्त करने तथा ऊना-संतोषगढ़ मार्ग पर स्थायी पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जल प्रबंधन पर चर्चा करते हुए उन्होंने 600 ट्यूबवेलों के जीर्णोद्धार हेतु समेकित डीपीआर तैयार कर वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा, ताकि पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला