चिट्टा मामलों में फरार 233 अपराधियों की तलाश, दो दिन के अभियान में 12 गिरफ्तार
शिमला, 09 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में फरार उद्घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स) के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया है। दो दिन तक चले इस अभियान के दौरान 233 उद्घोषित अपराधियों का सत्यापन और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। इनमें से 12 को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह विशेष अभियान 7 और 8 जुलाई को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और जिला पुलिस ने प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ चलाया। पुलिस के अनुसार यह अभियान मुख्यमंत्री द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के दूसरे चरण (भाग-1) के तहत संचालित किया गया। इसका उद्देश्य एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में अदालतों द्वारा उद्घोषित उन फरार अपराधियों को पकड़ना था, जो लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर हैं और मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग दे रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक अभियान के दौरान एनडीपीएस मामलों से जुड़े कुल 233 उद्घोषित अपराधियों के संबंध में सत्यापन किया गया। इनमें 12 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में एक उद्घोषित अपराधी किसी अन्य मामले में पहले से जेल में बंद मिला, जबकि 220 उद्घोषित अपराधी अब भी फरार हैं।
पुलिस मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि जो अपराधी अब भी फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए संबंधित पुलिस इकाइयों को तकनीकी और मानवीय आसूचना के आधार पर लगातार अभियान चलाने, निगरानी बढ़ाने और संभावित ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जो उद्घोषित अपराधी दूसरे राज्यों से जुड़े हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य एनडीपीएस मामलों में उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना, उनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन कर रिकॉर्ड अपडेट करना, संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाना और ऐसे मामलों में समयबद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
प्रदेश पुलिस ने लोगों, खासकर युवाओं से अपील की है कि चिट्टा या अन्य नशीले पदार्थों से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने में दें। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही पुलिस ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व और युवाओं की भागीदारी से प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा