चिट्टा बरामदगी मामले में सप्लायर तक पहुंची शिमला पुलिस, चंडीगढ़ से गिरफ्तारी
शिमला, 13 अप्रैल (हि.स.)। शिमला पुलिस ने रोहड़ू क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के एक मामले में बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगनाअमित गुप्ता (30 वर्ष), निवासी सरायं दनोली, जिला बाराबांकी (लखनऊ) को 11 अप्रैल को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 14 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने सोमवार को ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस हर पहलू से जांच आगे बढ़ा रही है।
मामले के अनुसार यह कार्रवाई 15 मार्च को रोहड़ू क्षेत्र में पकड़े गए एक युवक से 9.17 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद होने के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है। उस दिन पुलिस थाना रोहड़ू की टीम अपने अधिकार क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में मिला। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 9.17 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपी की पहचान सार्थक (29 वर्ष), पुत्र संदीप सूद, निवासी गांव समाला, डाकघर व तहसील रोहड़ू, जिला शिमला के रूप में हुई। इस संबंध में पुलिस थाना रोहड़ू में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 61 और 85 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले की जांच के दौरान शिमला पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों, टेलीकॉम रिकॉर्ड और मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया। डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस को पता चला कि रोहड़ू और चिड़गांव क्षेत्र में चिट्टा तस्करी से जुड़ा एक संगठित गिरोह सक्रिय है।
जांच में सामने आया कि इस गिरोह का संचालन कथित तौर पर अमित गुप्ता लखनऊ से कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह स्थानीय युवकों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर कम मात्रा में चिट्टा रखवाकर लोकेशन आधारित डिलीवरी के जरिए इसकी अवैध खरीद-फरोख्त कर रहा था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को पहले लखनऊ भेजा गया, लेकिन वह वहां से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने लगातार उसकी तलाश जारी रखी और आखिरकार उसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी गौरव सिंह का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों और गिरोह के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है और आने वाले समय में इस संबंध में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा