रिटायरमेंट से सात दिन पहले एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े कानूनगो, पटवारी व सहायक दो दिन के रिमांड पर
मंडी, 24 जुलाई (हि.स.)। मंडी जिले के गोहर में तैनात गोहर में राजस्व कानूनगो बंशी लाल 31 जुलाई को सेवानिवृत होने वाले थे मगर बेइमानी की कमाई का लालच ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा कर सब कुछ बर्बाद कर दिया। सतर्कता विभाग ने बीती शाम कानूनगो बंशी लाल, पटवारी अरूण धीमान व सहायक ललित कुमार को एक लाख की रिश्वत के साथ धर दबोचा और सलाखों के पीछे धकेल दिया। अदालत ने शुक्रवार को उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेज दिया।
सतर्कता विभाग मंडी के डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने बताया कि विभाग की टीम ने जो जाल एक शिकायत के आधार पर बिछाया था उसमें पटवारी सहायक ललित कुमार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद मामले में संबंधित कानूनगो बंशी लाल और पटवारी अरूण धीमान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार पूर्ण चंद नामक व्यक्ति ने सतर्कता विभाग के समक्ष शिकायत दी थी कि उसकी जमीन का म्यूटेशन करने के बदले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान ने रिश्वत की मांग की तथा पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेने के लिए अपने सहायक ललित कुमार को भेजा।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही ललित कुमार ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये लिए टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और दोनों को भी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
कानूनगो बंसी लाल 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, लेकिन सेवानिवृत्ति से पहले ही उन पर रिश्वतखोरी के आरोप लगने से यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। विभाग अब इन राजस्व कर्मियों की पूरी कुंडली को खंगालेगी तथा इनकी संपतियों को भी जांचा जाएगा। राजस्व विभाग में दो लाख की रिश्वत की मांग व एक लाख की पहली किश्त ले लेने का मंडी जिले में बड़ी रकम वाला यह पहला मामला है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा