अर्की अग्निकांड: मलबे में दबे दो नेपाली परिवार अभी भी लापता, सर्च ऑपरेशन जारी

 


सोलन, 13 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की उपमंडल में बीते सोमवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड में दर्दनाक तस्वीर सामने आ रही है। इस हादसे में दो नेपाली परिवारों के जिंदा दफन होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि एक प्रवासी परिवार के आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो चुकी है। प्रशासन के मुताबिक मलबे से कुछ अवशेष बरामद हुए हैं, जिन्हें पहचान के लिए फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।

यह आग अर्की के पुराने बाजार में स्थित एक पुरानी बहुमंजिला इमारत में लगी थी। इमारत के निचले हिस्से में दुकानें थीं, जबकि ऊपरी मंजिलों में प्रवासी परिवार रह रहे थे। हादसे के समय वहां नेपाली मूल के कई लोग मौजूद थे। इसके अलावा बिहार के एक प्रवासी परिवार के सदस्य तो बचा लिए गए, लेकिन उनका आठ साल का बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया था। बच्चे को सोमवार को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

आग लगने के बाद इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई और लोग मलबे के नीचे दब गए। राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाल रखा है। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। अब तक की जानकारी के अनुसार नेपाली मूल के दो परिवारों के सदस्यों का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है। मौके से केवल कुछ अवशेष मिलने की बात सामने आई है।

बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा है। मलबे के भीतर गैस सिलेंडरों के दबे होने की आशंका है, ऐसे में किसी भी तरह के धमाके से बचने के लिए टीम बेहद सावधानी से काम कर रही है। भारी मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए प्रक्रिया धीमी रखी गई है।

प्रशासन का कहना है कि जब तक पूरी तरह मलबा साफ नहीं हो जाता, तब तक यह साफ नहीं हो पाएगा कि अंदर और कितने लोग फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों में इस हादसे को लेकर गहरा शोक और डर का माहौल है। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि राहत और बचाव दल कब तक बाकी लोगों को तलाश कर बाहर निकाल पाता है।

प्रशासन के अनुसार जो लोग इस हादसे के बाद लापता बताए जा रहे हैं, उनमें कांशी राम (42), उनकी पत्नी टीका (30), उनकी बेटी अनु (13) और बेटा संदीप (8) शामिल हैं। दूसरे परिवार में धनबहादुर (33), उनकी पत्नी कविता (32), बेटी राधा (16), बेटी रिहानु/रेणुका (11) और डेढ़ साल का मासूम बेटा रेजन शामिल हैं। ये सभी नेपाल के सल्याण ज़िले के रहने वाले थे और रोज़गार के सिलसिले में अर्की में रह रहे थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा