मंडी की थाची उप तहसील के कई गांवों में खूब लहलहा रही है भांग की खेती

 


मंडी, 16 सितंबर (हि.स.)। मंडी जिले के उंचाई वाले क्षेत्रों में भांग की खेती को कई अभियान चलाए जाने के बावजूद भी पूरी तरह से तबाह नहीं किया जा सका है। सराज विधानसभा क्षेत्र की बालीचौकी तहसील व थाची उपतहसील में जहां खतरनाक रसायन डाल कर सरकारी जमीन से वनस्पति को तबाह करके मटर की खेती किए जाने के खूब मामले सामने आए तो अब रातों रात अमीर बनने के लालच में कई लोग हाईब्रिड भांग की खेती करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों औट थाना पुलिस की टीम ने अन्य विभागों के सहयोग से इस क्षेत्र में भांग की खेती को उखाड़ने का अभियान चलाया था मगर दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्रों में यह अभियान नहीं पहुंच पाया और वहां पर जमकर भांग उगाई जा रही है। लोग अपनी मलकीयती जमीन पर भी इस भांग को उगा रहे हैं। इलाके के जागरूक व बुद्धिजीवी लोग इसे लेकर इस कारण से चिंतित हैं क्योंकि पहले ही एनडीपीएस एक्ट के तहत इलाके के कई युवा जेल के अंदर हैं तथा कई पर मामले बने हुए हैं। युवा पीढ़ी इस कारण से बर्बाद हो रही है।

सूत्रों ने बताया कि थाची उपतहसील के पटवार सर्कल बागी, ग्राम पंचायत भनवास के बुंग, सोझा, खराडज्ञला और थडैण गांव में सैंकड़ों बीघा जमीन पर भांग की खेती लहलहा रही है। भनवास पंचायत के गांव शलवाड़ के दोघरों जिनमें प्रमुख तौर कबरीश, मुराहला व भुजड़ी आदि हैं में भी भांग की खेती से खेत लहलहा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि जब लोगों यह भनक लगती है कि पुलिस भांग की खेती को उखाड़ने आ रही हैं तो वह इस टोह में रहते हैं कि यह टीम कहां तक पहुंच सकती है। फिर या तो खुद ही इसे उखाड़ कर घरों से गायब हो जाते हैं या फिर मौके पर कोई मिलता नहीं है। दूर से ही जब ऐसे लोगों को यह आभास हो जाता है कि यहां तक अभियान में लगी टीमें नहीं पहुंच पाएंगी तो उनका डर खत्म हो जाता है और वह जमकर खेती कर रहे हैं।

नशे के खिलाफ व बर्बाद होती युवा पीढ़ी से दुखी लोगों ने पुलिस अधीक्षक मंडी, जिला प्रशासन व रकार से गुहार लगाई है कि वह इन गांवों में विशेष अभियान चलाकर नशे की इस खेती को तबाह करें ताकि न रहे बांस और न बजे बांसुरी, अन्यथा नशे का यह खेल चलता ही रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा