शिमला में 14 जगहों पर बिकेंगे पटाखे, नौ नवंबर तक प्रभावी रहेंगे आदेश

 

शिमला, 04 नवंबर (हि.स.)। राजधानी शिमला में दिवाली के दौरान पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल के लिए 14 स्थान निर्धारित किए गए हैं। नगर निगम क्षेत्र में पटाखों की बिक्री केवल इन निर्धारित स्थानों पर ही की जा सकेगी। इस संबंध में उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने बुधवार को आदेश जारी किए हैं। ये आदेश नौ नवंबर तक लागू रहेंगे।

जिला दंडाधिकारी के आदेश के अनुसार दिवाली के दौरान पटाखों और अन्य आतिशबाजी सामग्री की बिक्री, इस्तेमाल, परिवहन और भंडारण को नियंत्रित करने के लिए यह व्यवस्था की गई है। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में दुकानदारों और लोगों के पटाखों की खरीद-बिक्री, परिवहन और इस्तेमाल करने की संभावना रहती है। इस दौरान आग लगने, विस्फोट होने और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसी घटनाओं से लोगों की जान और संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पटाखों की बिक्री के लिए अलग-अलग स्थान तय किए हैं।

प्रशासन की ओर से निर्धारित 14 स्थानों में आइस स्केटिंग रिंक शिमला, पुराना एसपीएम ग्राउंड इंजन घर संजौली, गोपाल मंदिर के सामने बालूगंज ग्राउंड और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय समरहिल का ग्राउंड शामिल हैं। इसके अलावा खलीणी बाईपास में त्रिलोक चंद शॉप के समीप, छोटा शिमला से कसुम्पटी की ओर जाने वाले मार्ग पर खुला स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल फागली के समीप खुला मैदान और पुलिस मुख्यालय निगम विहार के समीप भी पटाखों की बिक्री की जा सकेगी।

इसी तरह पंचायत ग्राउंड भट्टाकुफर, बस स्टैंड सेक्टर-6 कंगनाधार न्यू शिमला के समीप, विकास नगर पुलिस चौकी के समीप, रानी ग्राउंड कसुम्पटी, न्यू पार्किंग टूटू और संकटमोचन मंदिर की कार पार्किंग की ऊपरी मंजिल को भी बिक्री के लिए निर्धारित किया गया है। इन स्थानों के अलावा नगर निगम क्षेत्र में अन्य जगहों पर पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।

आदेशों में निर्धारित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को इन स्थानों की निशानदेही कर पटाखों की बिक्री के लिए स्टॉल स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग इन सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था करेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पानी और रेत से भरे बैग उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

वहीं, अग्निशमन विभाग को सभी निर्धारित स्थानों पर आग से बचाव के इंतजाम करने होंगे। जिला दंडाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिक्री के लिए तय किए गए स्थानों पर खड़े सभी वाहनों को हटाना अनिवार्य होगा। इससे इन स्थानों पर पर्याप्त जगह उपलब्ध रहेगी और किसी दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य करने में परेशानी नहीं होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा