मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए भाजपा अपना रही हर हथकंडा : ऊषा तोमर

 


नाहन, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए भाजपा हर तरह के हथकंडे अपना रही है। इससे देश की चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ऊषा तोमर ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

तोमर ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्य चुनाव आयुक्त पर इस तरह के गंभीर और सीधे आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए कथित आंतरिक मतभेद और विभिन्न रिपोर्टों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ऊषा तोमर ने दावा किया कि एसआईआर की प्रक्रिया के तहत देश के 13 करोड़ से अधिक वैध मतदाताओं को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित किया गया है। इसे नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर गंभीर आघात बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद पर बने रहने के नैतिक आधार पर विचार करना चाहिए।

ऊषा तोमर ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोपरि है। यदि चुनाव आयोग को लेकर ही सवाल खड़े होने लगें, तो जनता के विश्वास पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने पूरे मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग की।

भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के रवैये से जनता में चिंता और असंतोष का माहौल है। उन्होंने कहा कि चुनावी वादों के आधार पर सत्ता में आई सरकार के कामकाज को लेकर अब लोग सवाल उठा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर