शिमला में कांग्रेस का निर्वाचन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन,भाजपा ने किया पलटवार
शिमला, 25 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में शिमला स्थित निर्वाचन विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, विपक्षी दल भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन के तरीके पर सवाल खड़े करते हुए पार्टी को आड़े हाथों लिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री रोहित ठाकुर, मंत्री चंद्र कुमार, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन विभाग के मुख्यालय के नाम को मिटाकर वहां आपत्तिजनक शब्द लिख दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और चुनाव आयोग को इनका जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि देशभर में मतदाताओं के नाम काटे जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की जगह भाजपा के प्रवक्ता इन मुद्दों पर जवाब दे रहे हैं।
रजनी पाटिल बोलीं, राहुल गांधी लगातार उठा रहे ‘वोट चोरी’ का मुद्दा
हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले करीब तीन वर्षों से देश में ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र सहित दूसरे राज्यों में हुए चुनावों में कथित गड़बड़ी के आरोपों का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पाटिल ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के पत्र का भी जिक्र किया और कहा कि उसमें सामने आई बातों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। पार्टी ने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
भाजपा का पलटवार, कहा- संवैधानिक संस्था की दीवार पर नारे लिखना गंभीर सवाल
भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन निर्वाचन विभाग के कार्यालय की दीवारों पर आपत्तिजनक शब्द लिखना और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस स्वयं सत्ता में है। ऐसे में सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं द्वारा निर्वाचन विभाग के कार्यालय को निशाना बनाए जाने से गलत संदेश जाता है।
जमवाल ने कहा कि यदि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है तो प्रशासन को तथ्यों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को एसआईआर पर आपत्ति है तो वह अपने दावे और आपत्तियां निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के तहत रख सकती है।
जमवाल ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या किसी अपात्र प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित व्यवस्था मौजूद है और संबंधित अधिकारियों के निर्णय के खिलाफ अपील का प्रावधान भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि एसआईआर पर उसकी आपत्ति किस नियम, प्रक्रिया और तथ्य पर आधारित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा